शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

जॉर्डन: चर्च में गोलीबारी से 7 की मौत, अमेरिका ने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया

जॉर्डन के दक्षिणी प्रांत करक में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए घातक आतंकी हमले के बाद राजधानी अम्मान में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की…

जॉर्डन: चर्च में गोलीबारी से 7 की मौत, अमेरिका ने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया
(फोटो: IANS)

जॉर्डन के दक्षिणी प्रांत करक में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए घातक आतंकी हमले के बाद राजधानी अम्मान में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में सात लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद दुनिया भर से निंदा की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

विज्ञापन

यह हमला करक के हम्मूद गांव में स्थित एक चर्च में शुक्रवार को एक अंतिम संस्कार के दौरान हुआ। जॉर्डन के सरकारी टेलीविज़न पर दिखाए गए फुटेज में दो पिस्तौलधारी और एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल लिए तीसरा हमलावर चर्च की ओर गोलियां चलाते हुए दिखाई देते हैं। जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय (PSD) ने पुष्टि की है कि गोलीबारी में 7 लोग मारे गए और 27 घायलों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर के मुताबिक, दो घायलों की हालत गंभीर है।

सुरक्षा उपाय और जांच

अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को जारी अपनी एडवाइजरी में बताया कि हमले के बाद राजधानी अम्मान में मॉल, विदेशी दूतावासों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दूतावास ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने और ताजा जानकारी के लिए जॉर्डन पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्र की वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी है। वहीं, जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि अपराधियों की तलाश जारी है और घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की भी घोषणा की गई है।

अंतर्राष्ट्रीय निंदा और प्रतिक्रिया

इस हमले की दुनिया भर में निंदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे "बेहद जघन्य" कृत्य बताया और मांग की कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए। सुन्नी मुस्लिम जगत के प्रमुख संस्थान अल-अजहर के ग्रैंड इमाम अहमद अल-तैयब ने इसे "जघन्य आतंकवादी हमला" करार दिया। इसके अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया, लेबनान, सीरिया, मिस्र और ओमान ने भी हमले की निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

सरकार का कड़ा रुख

हमले के कुछ घंटों बाद जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला करक पहुंचे और दोषियों को "कड़ी से कड़ी" सजा देने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री जाफर हसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह एक आतंकवादी विचारधारा और अंधी कट्टरता का नतीजा है, और हम समाज को इस रास्ते पर नहीं जाने देंगे।" गौरतलब है कि करक में ईसाई अल्पसंख्यक आबादी रहती है और 2016 में भी यहां बंदूकधारियों ने पुलिस पर हमले किए थे, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →