बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
शिक्षा

झारखंड के RIMS में मेडिकल छात्रों के लिए बड़ा मौका, UG और PG की सैकड़ों सीटें बढ़ेंगी

झारखंड में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) की…

झारखंड के RIMS में मेडिकल छात्रों के लिए बड़ा मौका, UG और PG की सैकड़ों सीटें बढ़ेंगी
(फोटो: IANS)

झारखंड में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) की सीटों में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस विस्तार योजना के तहत यूजी में 70 और पीजी में लगभग 100 अतिरिक्त सीटों पर छात्रों को दाखिला मिल सकेगा।

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स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई एक समीक्षा बैठक में इस योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कुछ शर्तों के साथ यूजी सीटों को मौजूदा 180 से बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसी तरह, पीजी की सीटें भी 176 से बढ़ाकर 275 की जाएंगी।

बुनियादी ढांचे का भी होगा विकास

बढ़ती सीटों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रिम्स के बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 380 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे केंद्र प्रायोजित योजना के तहत भेजा जाएगा। इस योजना में पुराने आईपीडी, ओपीडी और एकेडमिक ब्लॉक के नवीनीकरण और विस्तार का काम शामिल है। साथ ही, रिम्स के नॉर्थ और साउथ कैंपस में स्थित हॉस्टल और क्वार्टरों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।

PPP मॉडल पर भी काम

लगभग 450 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली कुछ अन्य परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इनमें पीजी और पोस्ट-पीजी हॉस्टल का निर्माण और रिम्स के स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का विकास शामिल है। इसके अलावा, पोस्ट-पीजी सीटों को भी 11 से बढ़ाकर 100 करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है।

मरीज प्रबंधन पर भी दिए गए निर्देश

शैक्षणिक विस्तार के अलावा, बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। अपर मुख्य सचिव ने मरीजों के दाखिले और छुट्टी के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों को उचित रेफरल व्यवस्था के जरिए ही रिम्स भेजा जाए और बिना रेफरल वाले मरीजों की भर्ती को नियंत्रित किया जाए।

इनपुट: IANS

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