जमशेदपुर नाइट क्लब हत्याकांड: सरकार का बड़ा एक्शन, दो जिलों के पुलिस प्रमुख हटाकर नए कप्तान नियुक्त
झारखंड में जमशेदपुर के चर्चित डबल डाउन पब हत्याकांड के बाद सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ा फेरबदल किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और सरायकेला-खरसाव
झारखंड में जमशेदपुर के चर्चित डबल डाउन पब हत्याकांड के बाद सरकार ने पुलिस महकमे में एक बड़ा फेरबदल किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और सरायकेला-खरसावां जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती कर दी गई है। यह कदम इन जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता के बाद उठाया गया है।
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी एहतेशाम वकारिब को पूर्वी सिंहभूम का नया एसएसपी बनाया गया है। इससे पहले वह सीआईडी में पुलिस अधीक्षक के पद पर थे। वहीं, 2018 बैच के आईपीएस मनोज स्वर्गियारी को सरायकेला-खरसावां का एसपी नियुक्त किया गया है, जो पहले झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप-3) के कमांडेंट थे। दोनों अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
यह फेरबदल 27 जून की रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन पब एंड बार के बाहर हुई हिंसक घटना के बाद हुआ है। इस घटना में करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के अनुसार, कथित छेड़खानी का विरोध करने पर शुरू हुए विवाद के बाद हिमांशु और उनके साथी पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु की 29 जून को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
इस हत्याकांड के बाद सरकार ने पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को पद से हटा दिया। उन पर आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने का आरोप था। दोनों अधिकारियों को फिलहाल पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
इस प्रशासनिक बदलाव से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था, "जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"
मुख्यमंत्री ने कोल्हान प्रमंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में कैंप कर रोजाना कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया था। साथ ही, जमशेदपुर के डीआईजी को शहर में ही रहकर स्थिति पर निगरानी रखने के लिए कहा गया था। इस मामले में पहले ही बिष्टुपुर के थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है और बार को सील कर संचालक समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इनपुट: IANS



