झारखंड: आदिवासी नेता निशा भगत ने फेसबुक लाइव पर फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत
झारखंड में आदिवासी अधिकारों और सरना धर्म की मुखर पैरोकार रहीं निशा भगत की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर लाइव आकर कथित तौर पर फांसी लगा ली थी…
झारखंड में आदिवासी अधिकारों और सरना धर्म की मुखर पैरोकार रहीं निशा भगत की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर लाइव आकर कथित तौर पर फांसी लगा ली थी, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई।
रांची के पिठोरिया की निवासी निशा भगत ने इस घटना से ठीक पहले एक फेसबुक लाइव वीडियो बनाया था, जो अब वायरल हो गया है। वीडियो में वह बेहद परेशान और भावुक नज़र आ रही थीं। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से अकेले संघर्ष कर रही हैं और उनके साथ कोई नहीं है। उन्होंने अपने माता-पिता को होने वाले दुःख का भी जिक्र किया।
लाइव वीडियो में उठाए सवाल
अपने फेसबुक लाइव के दौरान निशा भगत ने जमीन माफिया के खिलाफ अपने संघर्ष और उन्हें बदनाम किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि उन्हें 'दलाल' कहा गया और उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। निशा ने सरना और सनातन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। जानकारी के अनुसार, उन्होंने यह कदम उठाने से पहले पिठोरिया के थाना प्रभारी को फोन भी किया था। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों और घटना के पीछे के कारणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
आदिवासी समाज में शोक
निशा भगत की पहचान आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली एक जुझारू नेता के तौर पर थी। वह सरना धर्म और आदिवासी पहचान के मुद्दों को लगातार उठाती थीं। पिछले साल सरना धर्म के मुद्दे पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। उन्होंने 2024 में गुमला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था। उनकी मौत से आदिवासी सामाजिक और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है और उनके द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर जांच की मांग उठ रही है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



