झारखंड के थानों में CCTV लगाने में देरी: हाईकोर्ट ने DGP को भेजा अवमानना का नोटिस
झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के अदालती आदेश का पालन न होने पर हाईकोर्ट ने गंभीर नाराज़गी व्यक्त की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक…
झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के अदालती आदेश का पालन न होने पर हाईकोर्ट ने गंभीर नाराज़गी व्यक्त की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद आदेश का अनुपालन नहीं होना एक गंभीर विषय है। अदालत ने पाया कि 18 जून 2026 के आदेश और उससे पहले भी विभिन्न पीठों द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद भी राज्य के थानों में कैमरे लगाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा, "प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारियों की रुचि यह सुनिश्चित करने में है कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे न लगाए जाएं।" कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से टेंडर जारी करने और फिर उसे रद्द करने जैसे कई कारण बताए गए, जो संतोषजनक नहीं हैं।
खंडपीठ ने याद दिलाया कि 18 जून को ही डीजीपी के खिलाफ अवमानना नोटिस पर विचार किया गया था, लेकिन तब राज्य सरकार को एक और मौका दिया गया था। साथ ही, मुख्य सचिव और गृह सचिव को भी आदेश की गंभीरता से डीजीपी को अवगत कराने और उसका पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई।
अगली सुनवाई 24 सितंबर को
लगातार हो रही देरी और आदेश की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने डीजीपी से जवाब तलब किया है। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है।
इनपुट: IANS



