बुधवार, 16 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
अपराध

झारखंड परीक्षा घोटाला: CID ने दो मामलों में 4 और लोगों को गिरफ़्तार किया, अब तक 30 से ज़्यादा सलाखों के पीछे

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोपों की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को जांच एजेंसी ने दो अलग-अलग मामलों में चार और आरोपियों को गिरफ़्तार किया। समाचार…

झारखंड परीक्षा घोटाला: CID ने दो मामलों में 4 और लोगों को गिरफ़्तार किया, अब तक 30 से ज़्यादा सलाखों के पीछे
(फोटो: IANS)

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोपों की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को जांच एजेंसी ने दो अलग-अलग मामलों में चार और आरोपियों को गिरफ़्तार किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये गिरफ़्तारियां झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के सिलसिले में हुई हैं। पूछताछ के बाद चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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इस बड़ी जांच के दायरे में अब तक 30 से ज़्यादा लोग आ चुके हैं, जिन्हें गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया है। इनमें जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते, पूर्व परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और घोटाले का मास्टरमाइंड माने जाने वाले अभय तिवारी जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

JPSC और JSSC: दो मामले, चार गिरफ्तारियां

सीआईडी ने बताया कि जेपीएससी परीक्षा धांधली से जुड़े मामले (कांड संख्या 16/2026) में जमशेदपुर के ऋतिक रोशन और रांची के पंकज प्रसून को गिरफ़्तार किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन दोनों ने प्रतियोगी परीक्षा में अनुचित लाभ उठाया था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन्हें रांची के एक कोचिंग सेंटर 'शिवांगन की पाठशाला' के संचालक संजीत कुमार के ज़रिए मदद पहुंचाई गई थी, जिन्हें पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है। सीआईडी अब यह पता लगा रही है कि मदद किस तरह की थी और इसमें और कौन लोग शामिल थे।

वहीं, दूसरी कार्रवाई जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़े मामले (कांड संख्या 01/2025) में हुई। इसमें कोडरमा निवासी राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार को पकड़ा गया। इन दोनों पर कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है।

जांच का दायरा बढ़ रहा है

अधिकारियों के मुताबिक, नए गिरफ़्तार हुए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सीआईडी यह समझने का प्रयास कर रही है कि यह सिस्टम कैसे काम करता था, अभ्यर्थियों तक मदद कैसे पहुंचाई जाती थी, और क्या इसमें किसी तरह का वित्तीय लेन-देन भी शामिल था। एजेंसी ने साफ़ किया है कि सभी कार्रवाइयां पुख्ता सबूतों और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर की जा रही हैं और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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