बोकारो से 6 साल पहले लापता नाबालिग का मामला: अब CBI करेगी जांच, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
झारखंड के बोकारो जिले से करीब छह साल पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
झारखंड के बोकारो जिले से करीब छह साल पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की रांची इकाई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में मानव तस्करी की आशंका और अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता के एंगल से भी पड़ताल की जाएगी।
यह मामला बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है, जहां 16 अक्टूबर 2020 को एक लड़की ट्यूशन जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर उसी दिन FIR दर्ज कर ली गई थी। तब से लेकर आज तक लड़की का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, और अब इस मामले के सुलझने की उम्मीद CBI पर टिकी है।
पुलिस से CID तक, नहीं मिला कोई सुराग
शुरुआती जांच बोकारो पुलिस ने की थी, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। इस दौरान तीन लोगों का नार्को टेस्ट भी कराया गया, लेकिन उससे भी कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस की जांच से असंतुष्ट होकर लड़की की मां ने न्याय के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।
इसके बाद मामले को राज्य की सीआईडी (CID) को सौंप दिया गया, जिसने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। CID ने अपनी जांच रिपोर्ट में मानव तस्करी की आशंका जताई और इसे एक अंतरराज्यीय मामला बताया। हालांकि, एजेंसी ने तकनीकी संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए आगे की जांच में असमर्थता भी व्यक्त की।
हाईकोर्ट का अहम फैसला
CID की रिपोर्ट के बाद, हाईकोर्ट ने CBI और राज्य सरकार से इस मामले पर उनकी राय मांगी। CBI ने जांच की ज़िम्मेदारी लेने पर सहमति जताई और राज्य सरकार ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने मामले को CBI को सौंपने का फैसला सुनाया।
गुरुवार को दिए अपने आदेश में हाईकोर्ट ने CBI निदेशक को जांच की उचित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने 27 अक्टूबर तक एक हलफनामे के जरिए प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है। साथ ही, CID के एडीजी को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने का आदेश दिया गया है।
इनपुट: IANS



