मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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झारखंड: विधायक जयराम महतो पर दारोगा को धमकाने का आरोप, ऑडियो वायरल होने के बाद FIR दर्ज

झारखंड के डुमरी से विधायक जयराम महतो एक विवाद में घिर गए हैं। धनबाद के एक थाना प्रभारी को कथित तौर पर फोन पर गाली देने और धमकाने का एक ऑडियो वायरल होने के बाद उन पर और उनके समर्थकों के खिलाफ…

झारखंड: विधायक जयराम महतो पर दारोगा को धमकाने का आरोप, ऑडियो वायरल होने के बाद FIR दर्ज
(फोटो: IANS)

झारखंड के डुमरी से विधायक जयराम महतो एक विवाद में घिर गए हैं। धनबाद के एक थाना प्रभारी को कथित तौर पर फोन पर गाली देने और धमकाने का एक ऑडियो वायरल होने के बाद उन पर और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस घटना के बाद राज्य के पुलिस संघों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पूरा विवाद धनबाद के बरवाअड्डा थाने से जुड़ा है। थाना प्रभारी रवि कुमार ने विधायक जयराम महतो समेत 10 लोगों को नामजद करते हुए 40-50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, धमकी देने और हंगामा करने समेत कई आरोपों में मामला दर्ज कराया है।

विवाद की जड़ क्या है?

मामले की शुरुआत बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के नाम पर कथित फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से हुई। आरोप है कि इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली बनाने के लिए किया जा रहा था। इसी सिलसिले में पुलिस ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता गणेश दास को 21 अगस्त को हिरासत में लिया था।

थाने में क्या हुआ?

पुलिस का आरोप है कि अपने नेता की हिरासत की खबर मिलने पर विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ रात में बरवाअड्डा थाना पहुंचे। वहां उन्होंने हंगामा किया और हिरासत में लिए गए गणेश दास को जबरन छुड़ाने की कोशिश की। इसी दौरान विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई कथित व्हाट्सएप कॉल का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कथित तौर पर विधायक आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते और धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

विधायक और पुलिस के अपने-अपने दावे

एक तरफ जहां थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर विधायक जयराम महतो, दिलीप चौधरी, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार और राजेश महतो के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, वहीं विधायक ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।

महतो का कहना है कि वह अपने कार्यकर्ता के साथ हुई कथित पुलिस ज्यादती की जानकारी लेने थाने गए थे। उन्होंने পাল্টা आरोप लगाया कि थाना परिसर में कुछ लोगों ने उन पर हमला कर उनका गला दबाने की कोशिश की और उनके समर्थक की सोने की चेन व नकदी लूट ली। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करने की मांग की है।

पुलिस संघों ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस घटना पर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस अधिकारी से ऐसा अभद्र व्यवहार अस्वीकार्य है और इस मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संघों ने चेतावनी दी है कि अगर विधायक पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिसकर्मी पहले काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे और फिर चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, पुलिस थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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