JPSC-JSSC विवाद: छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी, सरकार से आज तीसरे दौर की बातचीत
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध तोड़ने के लिए आज दोपहर 12 बजे तीसरे दौर की…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच गतिरोध तोड़ने के लिए आज दोपहर 12 बजे तीसरे दौर की औपचारिक वार्ता होनी है। इससे पहले हुई दो दौर की बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकल सका, जिसके बाद अब सभी की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने चार सदस्यीय मंत्रियों की एक समिति बनाई है। इस समिति में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव शामिल हैं, जो शुक्रवार और शनिवार को छात्रों के विभिन्न गुटों से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं।
क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ मौखिक आश्वासनों पर अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। छात्र प्रतिनिधि रवींद्र कुमार पासवान और जेएलकेएम गुट के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लेती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- 14वीं JPSC सिविल सेवा (रेगुलर और बैकलॉग) परीक्षा रद्द हो।
- 2024 की JSSC CGL परीक्षा रद्द की जाए।
- TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द कर उनकी CBI जांच कराई जाए।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए ठोस सुधार किए जाएं।
एक तरफ सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ईमेल के जरिए राज्य के युवाओं से सुझाव मांगे हैं, वहीं दूसरी ओर छात्र इसे अपनी मुख्य मांगों का विकल्प नहीं मान रहे हैं।
आगे क्या? विधानसभा घेराव की चेतावनी
छात्रों ने सरकार को रविवार तक का समय दिया है। उनका कहना है कि अगर दोपहर 12 बजे की वार्ता में कोई संतोषजनक लिखित समाधान नहीं निकला, तो वे अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे। इसके अतिरिक्त, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी 11 अगस्त को अलग से विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। इन घोषणाओं के चलते अगले 24 से 36 घंटे इस गतिरोध के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
इनपुट: IANS



