रविवार, 9 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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परमाणु हमले की 81वीं बरसी पर नागासाकी की चेतावनी: दुनिया पर मंडरा रहा है नया खतरा

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए परमाणु हमले की भयावहता झेल चुके जापानी शहर नागासाकी ने इस त्रासदी की 81वीं बरसी पर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शहर ने दुनिया…

परमाणु हमले की 81वीं बरसी पर नागासाकी की चेतावनी: दुनिया पर मंडरा रहा है नया खतरा
(फोटो: IANS)

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए परमाणु हमले की भयावहता झेल चुके जापानी शहर नागासाकी ने इस त्रासदी की 81वीं बरसी पर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शहर ने दुनिया भर में बढ़ते सैन्य और भू-राजनीतिक तनावों के बीच परमाणु युद्ध के नए सिरे से उभरते खतरे पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

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9 अगस्त 1945 को अमेरिका द्वारा गिराए गए परमाणु बम की याद में आयोजित शांति स्मृति समारोह में, नागासाकी ने परमाणु हथियार संपन्न देशों से अपनी सुरक्षा नीतियों पर गंभीरता से पुनर्विचार करने का आग्रह किया। शहर ने विशेष रूप से उन राष्ट्रों का आह्वान किया जो अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु प्रतिरोध पर निर्भर हैं, कि वे परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए अपने प्रयास तेज करें।

शांति का मंच और वैश्विक चिंता

क्योडो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह वार्षिक समारोह केवल पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परमाणु हथियारों के खिलाफ जापान के लंबे समय से चले आ रहे संदेश को दोहराने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब हिरोशिमा पर हुए पहले परमाणु हमले (6 अगस्त 1945) की बरसी पर भी संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसी तरह की चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया बढ़ते परमाणु खतरों का सामना कर रही है और देशों को टकराव की जगह संवाद और निरस्त्रीकरण का रास्ता अपनाना चाहिए।

जापान में परमाणु नीति पर बहस

इस वैश्विक चिंता के साथ-साथ जापान के भीतर भी परमाणु नीति को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है। हालांकि प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने देश के मौजूदा गैर-परमाणु सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन क्षेत्रीय तनावों के कारण देश की सुरक्षा नीति के संदर्भ में परमाणु हथियारों पर चर्चा जोर पकड़ रही है। जैसे-जैसे इन हमलों में जीवित बचे 'हिबाकुशा' की संख्या कम हो रही है, हिरोशिमा और नागासाकी की ये चेतावनियां आने वाली पीढ़ियों तक परमाणु हथियारों की भयावहता का संदेश पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण जरिया बन गई हैं।

इनपुट: IANS

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