जामिया में विवादित नारे: VHP ने की सख्त कार्रवाई की मांग, कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन पर साधा निशाना
दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में कथित तौर पर सरकार-विरोधी और जेल में बंद शरजील इमाम के समर्थन में नारे लिखे जाने पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है…
दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में कथित तौर पर सरकार-विरोधी और जेल में बंद शरजील इमाम के समर्थन में नारे लिखे जाने पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, VHP ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है और कांग्रेस समेत 'इंडिया' गठबंधन पर शरजील इमाम को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि जामिया एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसकी छवि को धूमिल करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लिखे गए 'फ्री कश्मीर' जैसे नारों पर गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।
कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन पर आरोप
विनोद बंसल ने कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं पर शरजील इमाम जैसे जेल में बंद व्यक्ति का महिमामंडन करने और उसे राजनीतिक समर्थन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां भारत के संविधान, लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे अपने नेताओं के कथित बयानों से सहमत हैं? बंसल ने पूछा, "क्या किसी आरोपी को राजनीतिक दबाव के जरिए समर्थन मिलना चाहिए?" उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करने और माफी मांगने की भी मांग की।
विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग
VHP प्रवक्ता ने विश्वविद्यालय परिसर में 'गो बैक आरएसएस' और 'गो बैक वीसी' जैसे नारों का भी जिक्र किया और कहा कि सिर्फ नारे लगाने से किसी को हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने जामिया प्रशासन से अपील की कि वे देश-विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देने वाले लोगों की पहचान करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। बंसल के मुताबिक, विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
इनपुट: IANS



