कोलकाता: थाने में बातचीत के बीच BJP कार्यकर्ताओं का हंगामा, TMC नेता कुणाल घोष ने लगाया हमले का आरोप
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, घोष ने दावा किया कि जब…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, घोष ने दावा किया कि जब वह एक पार्टी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के सिलसिले में थाने में पुलिस से शांतिपूर्वक बात कर रहे थे, तभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने वहां हमला कर दिया और नारेबाजी की।
यह घटना कोलकाता के आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने की है। कुणाल घोष के मुताबिक, उनके एक कार्यकर्ता को किसी 'बेबुनियाद केस' में गिरफ्तार किया गया था। इसी सिलसिले में वह पुलिस अधिकारियों से चर्चा करने पहुंचे थे। घोष ने कहा, "पुलिस से मेरी बातचीत चल रही थी। अच्छी बातचीत हो रही थी। मेरा एक आरोप था, पुलिस अपना तर्क दे रही थी।"
थाने में हंगामे का आरोप
घोष ने आरोप लगाया कि इसी शांतिपूर्ण चर्चा के दौरान भाजपा के कुछ लोगों ने थाने पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया, "मैं यह भी सुन रहा था कि वे नारे लगा रहे थे, 'कुणाल घोष भारत छोड़ो'।" उन्होंने सवाल किया, "मैं क्या ब्रिटिश पुलिस हूं जो भारत छोड़ दूं?" TMC नेता के अनुसार, पुलिस ने अंत में उनसे पिछले दरवाजे से जाने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और हमलावरों को हटाने के लिए कहा।
'चोर' वाले नारे पर पलटवार
कुणाल घोष ने भाजपा द्वारा लगाए जा रहे 'चोर' के नारे को उनकी "घबराहट" बताया। उन्होंने कहा, "चोर बागान पूजा कमेटी के शीर्ष पदों पर सब भाजपा के लोग हैं, प्रभावशाली लोग हैं। इसलिए उन्हें तो नहीं पकड़ा गया, लेकिन उसके खिलाफ जिन्होंने आंदोलन किया था, हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया गया।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर भाजपा इस तरह की नारेबाजी करेगी तो उन्हें भी कश्मीर और अन्य मामलों पर बोलना पड़ेगा।
आगामी चुनाव और राजनीतिक गठजोड़
आने वाले चुनावों के संदर्भ में कुणाल घोष ने कहा कि जो लोकतांत्रिक खेमा है, वह पूरी तरह ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का हवाला देते हुए कहा, "सुवेंदु सरकार खुद बता चुके हैं कि जो विधायकों का लोकतांत्रिक समूह है, वह उनके समर्थन में है।" घोष ने दावा किया कि यह गुट "भाजपा का एजेंट" है, जो अविश्वास प्रस्ताव आने पर उनका समर्थन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पर खुद नजर रख रही हैं और अब तक उपेक्षित रहे सक्षम लोगों और नई पीढ़ी को मौका दिया जाएगा।
इनपुट: IANS



