इजरायल की E-1 बस्ती योजना पर यूरोपीय संघ ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा - 'यह फैसला अस्वीकार्य है'
यूरोपीय संघ ने वेस्ट बैंक में इजरायल की विवादास्पद E-1 बस्ती परियोजना के लिए निर्माण टेंडर जारी करने के फैसले पर गंभीर चिंता और कड़ा विरोध जताया है। यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने…
यूरोपीय संघ ने वेस्ट बैंक में इजरायल की विवादास्पद E-1 बस्ती परियोजना के लिए निर्माण टेंडर जारी करने के फैसले पर गंभीर चिंता और कड़ा विरोध जताया है। यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस कदम को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि यह दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को कमजोर करता है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यूरोप लंबे समय से इस परियोजना का विरोध करता रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांटकर फिलिस्तीनी क्षेत्रों की भौगोलिक एकता को भंग कर देगी।
कानूनी और रणनीतिक चिंताएं
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियां अवैध हैं, और इस रुख को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी दोहराया है। उन्होंने इस फैसले के समय पर भी सवाल उठाया, यह देखते हुए कि वेस्ट बैंक पहले से ही गंभीर अस्थिरता, नागरिकों के खिलाफ हिंसा और फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था पर कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष ने कहा, "यह कदम न केवल शांति की संभावना को और दूर ले जाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की छवि और स्थिति को भी नुकसान पहुंचाएगा।"
इजरायल से योजना वापस लेने की अपील
वॉन डेर लेयेन ने इजरायल सरकार से इन योजनाओं को तुरंत वापस लेने और वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार को रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हम दो-राष्ट्र समाधान के आधार पर न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हैं।" इसके साथ ही उन्होंने व्यावसायिक कंपनियों को भी चेतावनी दी कि इन निर्माण टेंडरों में बोली लगाने से उन्हें गंभीर कानूनी और प्रतिष्ठा संबंधी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
इनपुट: IANS



