पंजाब: CM भगवंत मान की पत्नी पर लगे आरोपों का NHRC ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया है। इन आरोपों में कहा गया है कि उन्होंने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया है। इन आरोपों में कहा गया है कि उन्होंने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ये आरोप पंजाब के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रणजीत सिंह द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए थे।
एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए, एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले को 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' की धारा 12 के तहत दर्ज किया है। आयोग ने इस संबंध में पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दिया है।
जांच के आदेश और दो हफ्ते में रिपोर्ट तलब
एनएचआरसी ने अपने नोटिस में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे शिकायत में लगाए गए आरोपों की गहन जांच कराएं। आयोग ने इस जांच पर 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (Action Taken Report) दो सप्ताह के भीतर सौंपने को कहा है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत आयोग को जांच के लिए सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां प्राप्त हैं और देश के सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है।
शिकायत में क्या कहा गया?
यह शिकायत 'लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी' नामक संस्था द्वारा दायर की गई थी। शिकायतकर्ता के हवाले से आयोग ने कहा, "एक रिटायर्ड जज ने सार्वजनिक रूप से कहा कि रेप के एक मामले में 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, जिसमें कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी शामिल थीं।" शिकायत में चिंता जताई गई कि इस तरह का हस्तक्षेप पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। शिकायत में आरोपों की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और जांच को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की गई है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी भेज दिया है। आयोग प्राप्त होने वाली कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में आगे की दिशा तय करेगा।
इनपुट: IANS



