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इंदौर हाउसिंग सोसाइटी घोटाला: 4.64 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में ED ने 5 आरोपियों पर कसा शिकंजा

इंदौर की नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस मामले म

इंदौर हाउसिंग सोसाइटी घोटाला: 4.64 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में ED ने 5 आरोपियों पर कसा शिकंजा
(फोटो: IANS)

इंदौर की नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था लिमिटेड से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ इंदौर की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है। इन पर संस्था को करीब 4.64 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

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विशेष अदालत ने ईडी की इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्री-कॉग्निजेंस सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं। जिन पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें श्रीकांत घांटे, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह शामिल हैं।

कैसे हुआ था यह घोटाला?

ईडी ने यह जांच इंदौर के एमजी रोड थाने में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें संस्था के पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में यह बात सामने आई कि संस्था के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत सदस्यों के साथ धोखा किया।

आरोप है कि इन पदाधिकारियों ने संस्था के पैसे से खरीदी गई जमीन को अलग-अलग लोगों और संस्थाओं को बेच दिया। इस बिक्री से मिली रकम को संस्था के खाते में जमा करने के बजाय उसका गबन कर लिया गया।

धन को ठिकाने लगाने का तरीका

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, आरोपियों ने अपराध को छिपाने के लिए जमीन की बिक्री से मिले पैसों से जुड़े रिकॉर्ड नष्ट कर दिए। इसके बाद, अवैध रूप से कमाई गई इस रकम को कई स्तरों पर ठिकाने लगाया गया और अंततः इसका इस्तेमाल निजी अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। इस तरह, सदस्यों के साथ धोखाधड़ी कर 'अपराध से अर्जित आय' (Proceeds of Crime) तैयार की गई।

जांच एजेंसी ने बताया कि इस मामले में पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। इसी साल 12 फरवरी को, ईडी ने आरोपी श्रीकांत घांटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर मौजूद 64.16 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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