भारतीय सेना का बड़ा संगठनात्मक बदलाव: इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप की कमान अब मेजर जनरल के हाथों में
भारतीय सेना ने अपनी युद्धक संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) की कमान अब टू-स्टार जनरल यानी मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों को सौंप दी है। 1 जुलाई से छह मेजर जनरल रैंक क
भारतीय सेना ने अपनी युद्धक संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) की कमान अब टू-स्टार जनरल यानी मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों को सौंप दी है। 1 जुलाई से छह मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों ने पांच आईबीजी और एक फायर सपोर्ट ग्रुप (FSG) का नेतृत्व संभाल लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कदम चीन द्वारा अपनी सैन्य संरचना में किए गए बदलावों की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
यह पुनर्गठन पूर्वी सेक्टर में स्थित माउंटेन स्ट्राइक कोर में लागू किया गया है। इसके तहत पारंपरिक डिवीजन को समाप्त कर पांच इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप और एक फायर सपोर्ट ग्रुप बनाए गए हैं। इस नए मॉडल में सेना की डिवीजन वाली एक पूरी परत खत्म हो जाएगी, जिससे फैसले लेने और कार्रवाई करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
क्या है इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG)?
इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप सेना की विभिन्न लड़ाकू शाखाओं—जैसे इन्फैंट्री (पैदल सैनिक), आर्मर्ड (टैंक), आर्टिलरी (तोपखाना) और आर्मी एविएशन (हेलीकॉप्टर)—को एक ही कमान के तहत लाने की व्यवस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी स्थिति में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करना है। हर आईबीजी में लगभग 5,500 से 6,000 सैनिक होंगे, जो शांतिकाल में भी एक साथ रहकर साझा युद्धाभ्यास करेंगे।
फायर सपोर्ट ग्रुप (FSG) की भूमिका
पांच आईबीजी के साथ एक अलग फायर सपोर्ट ग्रुप का भी गठन किया गया है, जिसकी कमान भी एक मेजर जनरल को दी गई है। यह ग्रुप युद्धक्षेत्र में सेना के लिए एक 'कॉमन फायरपावर पूल' की तरह काम करेगा। इसमें लंबी दूरी की आर्टिलरी गन, मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, और अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली को एक ही कमांड में एकीकृत किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जरूरत पड़ने पर किसी भी आईबीजी को तुरंत और सटीक फायर सपोर्ट दिया जा सकेगा, जिससे कमांडर को कम समय में प्रभावी मारक क्षमता मिलेगी।
चीन के मुकाबले तैयारी
यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि चीन ने अपनी सेना को पांच थिएटर कमांड में बांटकर भारतीय सीमा से लगी वेस्टर्न थिएटर कमांड में अपनी पारंपरिक डिवीजनों को 'कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड' में बदल दिया है। भारतीय सेना का लक्ष्य पश्चिमी और पूर्वी, दोनों सीमाओं पर सुरक्षा के लिए आईबीजी को तैयार और तैनात करना है। कुछ साल पहले चीन सीमा के पास 'हिमविजय' युद्धाभ्यास के दौरान आईबीजी का सफल परीक्षण किया जा चुका है।
इनपुट: IANS



