धर्मनिरपेक्षता भारत की शान माना जाता है। भारत एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मो के लोगों को अपने धर्म का अनुसरण करते है साथ ही दूसरों धर्मो को भी सामान रूप से आदर दिया जाता है। इसका साक्षात् मिसाल राजस्थान के बाबा रामदेव मंदिर में देखा जा सकता है। इस मंदिर में हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग शीश नवाने आते हैं।
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यह भव्य मंदिर राजस्थान के जैसलमेर में स्थित है। हर साल एक सितंबर से इस मंदिर में मेले का आयोजन होता है। मेले को लेकर बाबा रामदेव की समाधि समिति की ओर से सभी व्यवस्थाएं पूर्ण। अभिषेक और ध्वजारोहण के साथ बाबा रामदेव अंतरप्रांतीय मेले की शुरवात की जाती है। आपको बताना चाहेंगे की बाबा रामदेव ने जाति, धर्म, सम्प्रदाय, ऊंच नीच, अमीरी-गरीबी का भेद मिटाकर सबको मानवता, भाईचारे और समानता का उपदेश दिया था। देश में एकजुटता का सन्देश देने वाले महापुरुष को लाखों हिन्दू बाबा रामदेव और मुसलमान बाबा रामसा पीर के नाम से पूजते हैं।
ऐसा माना जाता है जो भी भक्त रामदेव बाबा की समाधि के दर्शन करता है , तो बाबा अपने भक्तों की पुकार सुनते है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस मंदिर में भड़ी तादाद में लोग बाबा के दर्शन के लिए आते है। दूर -दूर से लोग बाबा के दर्शन के लिए आते है और देश ही नहीं विदेश से भी बहुत से लोग रामदेव बाबा की असीम कृपा प्राप्त करने आते है। अगर आप राजस्थान के जैसलमेर में आये है तो बाबा रामदेव के दर्शन जरूर करें यहाँ आपको बड़बा की कृपा मिलने के साथ -साथ भारत की अखंडता भी देखने को मिलेगी।
















