देशभर में मौसम का बदला मिजाज: IMD ने जारी की भारी बारिश और आंधी की चेतावनी, जानें अगले 7 दिनों का हाल
भारतीय मौसम विभाग ने 21 से 27 जून तक देशभर के लिए मौसम की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर में अत्यधिक भारी बारिश, राजस्थान में 80 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और दिल्ली-पंजाब में तूफान की आशंका है। वहीं, मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भीषण लू जारी रहेगी। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली: मानसून की सुस्त रफ्तार के बाद अब मौसम ने तेजी से करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी सप्ताह के लिए एक व्यापक चेतावनी जारी की है, जिसमें देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम की गंभीर गतिविधियों की आशंका जताई गई है। 21 से 27 जून 2026 की अवधि के दौरान, कई राज्यों को भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक तरफ जहां बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं कुछ क्षेत्रों में यह आफत का कारण भी बन सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की सक्रियता
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून की सबसे अधिक सक्रियता पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिलेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में स्थिति विशेष रूप से गंभीर हो सकती है, जहां 21 और 22 जून को बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में 25 जून तक वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में 22 से 24 जून के बीच और असम व मेघालय में 23 से 25 जून के दौरान बहुत भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बिहार, झारखंड और ओडिशा के लोगों को भी 21 से 27 जून के दौरान भारी बारिश के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल होती दिख रही हैं।
उत्तर और मध्य भारत में मौसम का दोहरा रूप
उत्तर और मध्य भारत में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। एक ओर जहां कुछ राज्य भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे, वहीं कुछ इलाकों में आंधी-तूफान की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 22 जून को राजस्थान में एक शक्तिशाली तूफान आने की आशंका है, जहां हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ यह 80 किलोमीटर प्रति घंटा का आंकड़ा भी छू सकती है।
इसी तरह, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 21 से 24 जून के दौरान आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसके ठीक विपरीत, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले 4-5 दिनों तक लू से लेकर गंभीर लू की स्थिति बनी रहने का अनुमान है, जो यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
पश्चिमी और दक्षिणी तटों पर भी असर
मानसून की यह सक्रियता पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों को भी प्रभावित करेगी। कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में 22 से 27 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे इन पर्यटन स्थलों पर यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। दक्षिण भारत की बात करें तो, 21 जून को आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तक की तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
मानसून की प्रगति और नागरिकों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। यह उन किसानों के लिए एक अच्छी खबर है जो बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, अगले सात दिन देशभर में मौसम के लिहाज से काफी हलचल भरे रहने वाले हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जांच कर लें। आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी जाती है।



