रविवार, 23 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: राजनाथ सिंह ने ₹3500 करोड़ की 5 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल में पाँच नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: राजनाथ सिंह ने ₹3500 करोड़ की 5 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी
(फोटो: IANS)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल में पाँच नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 3,500 करोड़ रुपये है, जिनका उद्देश्य देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मज़बूत करना और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना है।

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रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में, रक्षा मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत को रक्षा क्षेत्र में किसी भी देश पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारी अपनी स्वदेशी कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों को ही इस क्षेत्र में पूरी तरह प्रभुत्व हासिल करना होगा। और आज के ये पांचों परियोजनाएं उसी रणनीतिक स्वायत्तता को प्रतिबिंबित कर रहे हैं।”

नई परियोजनाएं और उनका महत्व

इन पाँच परियोजनाओं में तीन गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और दो यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) की नई सुविधाएं शामिल हैं। GRSE की परियोजनाओं में रायचक शिपयार्ड, टिम्बर पोंड हावड़ा जहाज निर्माण सुविधा और दामोदर कॉम्प्लेक्स जहाज निर्माण सुविधा का विकास शामिल है। वहीं, यंत्र इंडिया लिमिटेड के तहत 3,000 टन क्षमता वाली हाइड्रोलिक ओपन डाई फोर्जिंग प्रेस और एक रेडियल फोर्जिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि ये परियोजनाएं 'आत्मनिर्भरता, मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड' की भावना को बल देंगी।

'मेक फॉर द वर्ल्ड' का विज़न

रक्षा मंत्री ने भारत की सोच में बदलाव का आह्वान करते हुए कहा, “अब हमारी सोच यह नहीं होनी चाहिए कि भारत को दुनिया से क्या खरीदना है। हमारी सोच यह होनी चाहिए कि दुनिया भारत से क्या खरीदना चाहती है।” उन्होंने GRSE के काम की सराहना की, जो भारतीय नौसेना के ऑर्डर के साथ-साथ एक जर्मन कंपनी के लिए 12 मालवाहक जहाजों का निर्माण कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि क्वालिटी ऐसी कि दुनिया भरोसा करे, कीमत ऐसी कि दुनिया चुने और डिलीवरी ऐसी कि दुनिया बार-बार ऑडर करे।”

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भरता सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि युद्धक्षेत्र में क्षमता बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण गुण है। उन्होंने स्वदेशी हथियार प्रणालियों की क्षमता का उदाहरण देते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नई परियोजनाएं न केवल रक्षा उत्पादन बढ़ाएंगी, बल्कि पश्चिम बंगाल में एमएसएमई, संबद्ध उद्योगों और हज़ारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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