आंध्र प्रदेश: आदिवासी छात्रों के स्कूल ट्रांसफर का विरोध, YSRCP नेता हिरासत में
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आदिवासी छात्रों के स्कूल स्थानांतरण को लेकर चल रहे विवाद ने मंगलवार को राजनीतिक रूप ले लिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों से मिलने जा रहे…
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आदिवासी छात्रों के स्कूल स्थानांतरण को लेकर चल रहे विवाद ने मंगलवार को राजनीतिक रूप ले लिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों से मिलने जा रहे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के दो वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री पुष्पा श्रीवाणी और पूर्व मंत्री बालाराजू शामिल हैं, जिन्हें मारिकावालसा स्थित स्कूल पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
यह पूरा विवाद मारिकावालसा आदिवासी कल्याण आवासीय विद्यालय को लेकर है, जो 2004 से संचालित हो रहा है। सरकार ने इस स्कूल को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (COE) में बदलने का फैसला किया है, जहाँ नीट और आईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जाएगी।
शैक्षणिक सत्र के बीच छात्रों का स्थानांतरण
इस फैसले के तहत स्कूल में पढ़ रहे 480 छात्रों को शैक्षणिक सत्र के बीच में ही सब्बावरम, श्रीकृष्णापुरम, देवरापल्ली और पर्वतीपुरम सहित अन्य आवासीय विद्यालयों में भेज दिया गया। इन छात्रों में कक्षा 10 के विद्यार्थी भी शामिल हैं। अभिभावक समिति ने इस कदम का विरोध करते हुए स्कूल को मौजूदा स्थान पर ही जारी रखने की मांग की थी और एक प्रस्ताव भी पारित किया था। इसके बावजूद, पुलिस की मौजूदगी में छात्रों का स्थानांतरण कर दिया गया। इस अनिश्चितता के चलते लगभग 70 छात्रों ने अपना ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) भी ले लिया है।
YSRCP ने सरकार पर साधा निशाना
विपक्षी दल YSRCP ने टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर आदिवासी छात्रों को बीच सत्र में विस्थापित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि सरकार ने विरोध कर रहे अभिभावकों का समर्थन करने वाले नेताओं के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया। पार्टी प्रवक्ता कोंडा राजीव ने कहा, "वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में YSRCP आदिवासी छात्रों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों व शिक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।"
YSRCP ने मांग की है कि सरकार इस फैसले पर फिर से विचार करे और छात्रों की पढ़ाई को निर्बाध रूप से जारी रखे। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार नया 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाना चाहती है, तो उसे मौजूदा स्कूल को विस्थापित करने के बजाय वैकल्पिक जमीन पर एक नया परिसर बनाना चाहिए।
इनपुट: IANS



