SNDP माइक्रोफाइनेंस केस: अभियोजन में देरी पर केरल सरकार से हाईकोर्ट ने पूछे तीखे सवाल, दी चेतावनी
SNDP माइक्रोफाइनेंस धोखाधड़ी मामले में अभियोजन की मंजूरी देने में हो रही देरी को लेकर केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को हुई…
SNDP माइक्रोफाइनेंस धोखाधड़ी मामले में अभियोजन की मंजूरी देने में हो रही देरी को लेकर केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने सरकार से सवाल किया कि क्या यह देरी कुछ आरोपियों को बचाने के लिए जानबूझकर की जा रही है।
कोर्ट ने सरकार के इस रवैये को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर जब मामला सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों से जुड़े गंभीर अपराधों का हो। जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने साफ तौर पर कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी चूक को गलती नहीं, बल्कि गलत इरादे से की गई कार्रवाई माना जा सकता है।
देरी पर सख्त हुई अदालत
यह मामला तब और गरमा गया जब पिछड़ा वर्ग विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बताया कि उन्हें मामले से जुड़ी फाइलें गुरुवार देर शाम ही मिलीं। इस पर जस्टिस बदरुद्दीन ने कड़ी आपत्ति जताई। अदालत ने सरकार को चेताया है कि अब फाइलें न मिलने का बहाना नहीं चलेगा और 18 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अभियोजन की मंजूरी पर फैसला लेना होगा।
अदालत ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर तय समय तक आदेश पेश नहीं किया गया तो राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना होगा। जस्टिस बदरुद्दीन ने पूछा, "आप कुछ आरोपियों को अभियोजन से क्यों बचा रहे हैं और कुछ ऐसे लोगों पर कार्रवाई क्यों कर रहे हैं जिनसे आपके अच्छे संबंध नहीं हैं?"
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद SNDP योगम से जुड़ी एक माइक्रोफाइनेंस योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। राज्य के विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में SNDP के कई पदाधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। इनमें महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन और केरल राज्य पिछड़ा वर्ग विकास निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक भी शामिल हैं।
हाईकोर्ट साल 2020 में दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें इन मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाने की मांग की गई है। मामले पर अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित है।
इनपुट: IANS



