केरल: वायनाड में सुरंग निर्माण स्थल पर भूस्खलन, एक की मौत, कई लापता; सरकार ने चेतावनियों की अनदेखी का लगाया आरोप
केरल के वायनाड में एक निर्माणाधीन सुरंग परियोजना स्थल पर मंगलवार को हुए भूस्खलन में कम से कम एक मजदूर की मौत हो गई, सात लोग घायल हो गए और सात अन्य लापता बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर
केरल के वायनाड में एक निर्माणाधीन सुरंग परियोजना स्थल पर मंगलवार को हुए भूस्खलन में कम से कम एक मजदूर की मौत हो गई, सात लोग घायल हो गए और सात अन्य लापता बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुआ, जब खुदाई से निकली मिट्टी का एक विशाल ढेर ढह गया। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इसे "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी" करार दिया है और कहा है कि निर्माण कंपनी को पहले ही इस मिट्टी को हटाने के लिए चेतावनी दी गई थी।
यह घटना अनक्कमपोयिल-कल्लाडी सुरंग सड़क परियोजना के वायनाड छोर पर कल्लाडी स्थित मीनाक्षी पुल के पास हुई। बताया जा रहा है कि मेप्पाडी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 226 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद यह हादसा हुआ। हादसे के वक्त मौके पर कई निजी वाहन और मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक बस भी मौजूद थी। बचावकर्ताओं को आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं।
सरकारी चेतावनी की अनदेखी
तिरुवनंतपुरम में एक आपात समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बताया कि अधिकारियों ने निर्माण कंपनी को कई बार खुदाई से निकली भारी मात्रा में मिट्टी को हटाने का निर्देश दिया था। उन्होंने खुलासा किया कि इस संबंध में 20 जून को एक औपचारिक सरकारी आदेश भी जारी किया गया था, लेकिन कंपनी ने इसका पालन नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "किसी भी निर्माणाधीन परियोजना में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।"
बचाव कार्य और आधिकारिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री के अनुसार, लगातार बारिश के बावजूद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, हालांकि खराब मौसम के कारण इसमें काफी मुश्किलें आ रही हैं। उन्होंने बताया, "ताजा जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति की मौत हो गई है, सात लोग अस्पताल में भर्ती हैं और सात अन्य लापता हैं।" बचाव अभियान की निगरानी के लिए राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और कृषि मंत्री टी. सिद्दीक को वायनाड भेजा गया है।
मंत्री टी. सिद्दीक ने घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह हादसा सुरंग की खुदाई और मिट्टी के अनुचित भंडारण के कारण हुआ। उन्होंने इसे "मानवजनित आपदा" बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें मौके पर पहुंच रही हैं। सरकार इस बात की भी जांच करेगी कि पहले दी गई चेतावनियों पर क्या कार्रवाई हुई थी। वहीं, वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस घटना के संबंध में जिला कलेक्टर से बात की है।
इनपुट: IANS



