राजस्थान नगर निकाय चुनाव: जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर पद के लिए मतदान, जोधपुर में मुकाबला दिलचस्प
राजस्थान के तीन बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा में शुक्रवार को मेयर पद के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हुई। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस मतदान के बाद वोटों की गिनती भी की गई। इन चुनावों को…
राजस्थान के तीन बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा में शुक्रवार को मेयर पद के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हुई। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस मतदान के बाद वोटों की गिनती भी की गई। इन चुनावों को राज्य में नगर निकाय चुनावों के अंतिम चरण के तौर पर देखा जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जयपुर और कोटा में जहाँ भाजपा की स्थिति मजबूत है, वहीं जोधपुर में मुकाबला कड़ा बना हुआ है, जहाँ निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
जयपुर और कोटा में भाजपा को बहुमत, जोधपुर में पेंच
जयपुर और कोटा नगर निगमों में भाजपा के पास पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है। पार्टी यह सुनिश्चित करने में लगी है कि कोई अंदरूनी क्रॉस-वोटिंग न हो और उसके उम्मीदवार आसानी से जीत जाएँ। इसके विपरीत, जोधपुर में किसी भी दल, चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस, के पास अपने दम पर मेयर बनाने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं है। ऐसे में सभी की निगाहें निर्दलीय पार्षदों पर टिकी हैं, जो नतीजों को किसी भी तरफ मोड़ सकते हैं।
नतीजे और अन्य चुनाव प्रक्रियाएं
मेयर के चुनाव के साथ ही, कोटा जिले की सुकेत नगरपालिका में भी चेयरमैन पद के लिए शुक्रवार को चुनाव हुए। डिप्टी मेयर के चुनाव शनिवार को संपन्न होंगे। इन चुनावों के साथ ही राज्य के 309 में से 308 नगर निकायों की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, बशर्ते कोई कानूनी अड़चन न आए। इससे पहले राज्य के 10 नगर निगमों में से सात के नतीजे आ चुके हैं, जिनमें भाजपा ने छह और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल की थी।
कानूनी मामलों के कारण अटके चुनाव
कुछ नगर निकायों में कानूनी कार्यवाही के चलते चुनाव प्रक्रिया बाधित हुई है। श्री गंगानगर जिले की श्री विजयनगर नगर परिषद के चेयरमैन चुनाव का नतीजा भी शुक्रवार को घोषित किया जाना था। एक पार्षद के अपहरण के आरोपों के बाद हाईकोर्ट के दखल के चलते यहाँ मतगणना रोक दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग के निर्देश पर मतगणना की जाएगी, लेकिन अंतिम परिणाम 28 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा। इसी तरह, खाटूश्यामजी नगरपालिका में भी हाईकोर्ट की कार्यवाही के कारण चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के चुनाव टाल दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



