वेनेज़ुएला में भूकंप की तबाही: मृतकों की संख्या 2,500 पार, सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा
वेनेज़ुएला में 24 जून को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद तबाही का मंज़र गहराता जा रहा है, जिसमें मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 2,595 हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की कार्यव
वेनेज़ुएला में 24 जून को आए शक्तिशाली भूकंप के बाद तबाही का मंज़र गहराता जा रहा है, जिसमें मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 2,595 हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इन आँकड़ों की पुष्टि करते हुए बताया कि 12,000 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।
भूकंप के पीड़ितों की याद में, सरकार ने सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। डेल्सी रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया पर लिखा, "भारी दुख की इस घड़ी में हम इस त्रासदी से पीड़ित लोगों को गले लगाते हैं और उनके साथ रहने और उनकी रक्षा करने का अपना वादा दोहराते हैं।"
राहत और बचाव कार्य जारी
अधिकारियों के अनुसार, भूकंप के तेज झटकों के कारण देश में कम से कम 189 इमारतें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुँचाने के लिए सरकार तेज़ी से काम कर रही है।
विभिन्न राज्यों में स्थापित राहत शिविर:
अस्थायी शिविर बनाने के लिए बनाए गए कमांड सेंटर की प्रमुख डेल्सी रोड्रिगेज ने जानकारी दी कि देश भर में 25 अस्थायी शिविर सक्रिय कर दिए गए हैं। इनमें सबसे ज़्यादा 13 कैंप ला गुएरा में, 8 काराकास में, 2 मिरांडा में, और एक-एक काराबोबो तथा याराकुय में हैं। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा कर्मचारियों और फायरफाइटर्स से राहत कार्यों में मदद के लिए पैट्रिया प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करने का आग्रह किया है। भूकंप से सबसे ज़्यादा प्रभावित ला गुएरा राज्य को बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के लिए सैन्य नियंत्रण में ले लिया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर भी असर
इस आपदा का असर वेनेज़ुएला में बसे बड़े पुर्तगाली समुदाय पर भी पड़ा है। पुर्तगाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, भूकंप में 71 पुर्तगाली नागरिकों और पुर्तगाली मूल के लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 71 अन्य लोग अभी भी लापता हैं। पुर्तगाल की सरकार ने भी पीड़ितों की याद में 5 जुलाई को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाने की घोषणा की थी।
कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने यह भी बताया कि 24 जून के बाद से अब तक 782 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं, हालांकि अब उनकी आवृत्ति में धीरे-धीरे कमी आ रही है।
इनपुट: IANS



