वाल्मीकि निगम घोटाला: मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे पर कर्नाटक विधानसभा में हंगामा, भाजपा-जेडीएस का प्रदर्शन
कर्नाटक के महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुए कथित घोटाले को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दल भाजपा और जेडी-एस ने युवा अधिकारिता…
कर्नाटक के महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुए कथित घोटाले को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दल भाजपा और जेडी-एस ने युवा अधिकारिता, खेल और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से तत्काल हटाने की मांग को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधान परिषद और विधानसभा, दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। विधान परिषद में प्रश्नकाल शुरू होते ही भाजपा सदस्य हंगामा करने लगे और उनका कहना था कि जब तक नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते, सदन की कार्यवाही नहीं चलनी चाहिए। हंगामे के बीच "पहले इस्तीफा, फिर कार्यवाही" जैसे नारे भी लगाए गए।
सदन में सरकार और विपक्ष आमने-सामने
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार ने मंत्री का बचाव किया। स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने मामले में अदालत के फैसले का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या विपक्ष खुद को न्यायपालिका से ऊपर मानता है। वहीं, मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि सीआईडी जांच में नागेंद्र को क्लीन चिट मिल चुकी है और वे केवल आरोपी हैं, दोषी नहीं ठहराए गए हैं।
इसके जवाब में, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी ने तर्क दिया कि नागेंद्र को क्लीन चिट नहीं मिली है और मामला अभी भी अदालत में लंबित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निगम से 187 करोड़ रुपए का गबन हुआ है, तो नागेंद्र को दोबारा मंत्री क्यों बनाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, भाजपा सदन के अंदर और बाहर अपना आंदोलन तेज करेगी।
भाजपा के गंभीर आरोप और सड़क पर विरोध
सदन में हंगामे के अलावा, भाजपा ने बल्लारी, मैसूरु, तुमकुरु और रामनगर सहित कई जिला मुख्यालयों में भी विरोध प्रदर्शन किए। भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने पत्रकारों से बातचीत में इस घोटाले में कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने का आरोप लगाया।
रवि ने सरकार के एक जवाब का हवाला देते हुए कहा कि यह स्वीकार किया गया है कि 89.62 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मंत्री नागेंद्र और निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक समेत 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीटी रवि ने यह भी आरोप लगाया कि गबन की गई राशि का इस्तेमाल तेलंगाना, कलबुर्गी और बल्लारी लोकसभा चुनावों में किया गया था। उन्होंने दावा किया कि आरोपी सत्यानारायण वर्मा ने अदालत में कहा था कि उसे नागेंद्र और उनके सहयोगियों से जान का खतरा है। रवि ने यह भी कहा कि भाजपा "भ्रष्ट मंत्री" को हटाए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।
इनपुट: IANS



