उत्तराखंड: आयुर्वेदिक लाइसेंस की आड़ में चल रही थी नकली दवाओं की फैक्ट्री, STF ने किया भंडाफोड़
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में एक बड़े फर्जी दवा कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है, जो आयुर्वेदिक और…
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में एक बड़े फर्जी दवा कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है, जो आयुर्वेदिक और खाद्य लाइसेंस की आड़ में नामी कंपनियों की नकली एलोपैथिक दवाएं बना रही थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में नकली दवाएं, अवैध शराब और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई है।
एसटीएफ और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को 'कोविल बायोटेक' नामक इस फैक्ट्री पर छापा मारा। जांच में पता चला कि यहां एसटीएडीएमईडी, मैकलियोड्स, इंटास और सन फार्मा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से जीवन रक्षक और अन्य दवाएं अवैध रूप से बनाई जा रही थीं। मौके से धीरेंद्र नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
जब्त की गईं दवाएं और अन्य सामान
इस अभियान के दौरान फैक्ट्री से करीब 1 लाख गोलियां और 15,000 सिरप की बोतलें बरामद हुईं। ये दवाएं एसिडिटी, दर्द, तंत्रिका संबंधी समस्याओं, प्रोस्टेट, एंटीबायोटिक्स और कैल्शियम/आयरन की कमी के इलाज में इस्तेमाल होती हैं। दवाओं के अलावा, जांचकर्ताओं को बड़ी मात्रा में अवैध शराब भी मिली। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे हरियाणा से अवैध शराब मंगवाकर उत्तराखंड में आपूर्ति करते थे।
बरामद सामान की सूची में मैकडॉवेल नंबर 1 के 1,632 क्वार्टर, 1,016 अन्य शराब की बोतलें, 1,000 खाली कांच की बोतलें और उत्तराखंड आबकारी विभाग के होलोग्राम शामिल हैं। साथ ही, दवा बनाने और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, स्टेनलेस स्टील टैंक, और फिलिंग-सीलिंग-लेबलिंग मशीनें भी जब्त की गई हैं।
मामला दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने बाजपुर थाने में आरोपी के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गिरोहों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रही है ताकि इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
इनपुट: IANS



