शनिवार, 18 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
उत्तराखण्ड

देहरादून-ऋषिकेश हाईवे: जनविरोध के बाद 'सात मोड़' पर पेड़ों की कटाई पर CM धामी ने लगाई रोक

पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध के बाद उत्तराखंड सरकार ने देहरादून-ऋषिकेश हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर…

देहरादून-ऋषिकेश हाईवे: जनविरोध के बाद 'सात मोड़' पर पेड़ों की कटाई पर CM धामी ने लगाई रोक
(फोटो: IANS)

पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध के बाद उत्तराखंड सरकार ने देहरादून-ऋषिकेश हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के तहत पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घोषणा की कि देहरादून के 'सात मोड़' वन क्षेत्र में यह कटाई तब तक नहीं होगी, जब तक सभी संबंधित पक्षों के साथ आम सहमति नहीं बन जाती।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह फैसला उन प्रदर्शनों के बाद आया है, जिसमें 4,000 से अधिक पेड़ों को काटे जाने का विरोध किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताने के लिए गुरुवार को पारंपरिक 'हरेला' उत्सव की जगह 'ब्लैक हरेला' मनाया, जो प्रकृति और हरियाली का पर्व है।

प्रोजेक्ट पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि उन्होंने नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई चिंताओं और सुझावों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ किया, "विकास हमारे लिए जरूरी है, लेकिन लोगों की भावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों को नजरअंदाज करके कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।"

इसी भावना के तहत, सीएम ने मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों को स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ फिर से विस्तृत बातचीत करने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि वह बातचीत, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे कोई कदम उठाएगी।

परियोजना की जानकारी और वन्यजीव सुरक्षा

यह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा चलाई जा रही है। लगभग 20 किलोमीटर लंबी इस सड़क को ₹743 करोड़ की लागत से हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत बनाया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, इस परियोजना पर उच्च न्यायालय के निर्देशों और सभी कानूनी व पर्यावरणीय मंजूरियों के बाद ही काम शुरू किया गया था।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में हाथियों के लिए करीब 3.5 किलोमीटर लंबा अंडरपास और अन्य छोटे जानवरों की आवाजाही के लिए विशेष पुलिया बनाने का भी प्रावधान है। इसका उद्देश्य इंसान-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में जानवरों की मौत को रोकना है, जो इस मार्ग पर एक आम समस्या है।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तराखंड डेस्क

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