अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर अमेरिका सख्त, अध्यक्ष समेत दो शीर्ष अधिकारियों पर लगाए प्रतिबंध
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) और ट्रंप प्रशासन के बीच टकराव और गहरा गया है। अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ICC की अध्यक्ष और एक वरिष्ठ ट्रायल लॉयर पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। प्रशासन ने…
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) और ट्रंप प्रशासन के बीच टकराव और गहरा गया है। अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ICC की अध्यक्ष और एक वरिष्ठ ट्रायल लॉयर पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। प्रशासन ने न्यायालय को अमेरिकी संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए उसके खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने और भविष्य में और भी कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इन प्रतिबंधों की घोषणा की। यह कार्रवाई एक कार्यकारी आदेश के तहत की गई है, जो न्यायालय के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। इस आदेश के तहत जापान की ICC अध्यक्ष टोमोको अकाने और सेनेगल के वरिष्ठ ट्रायल लॉयर अब्दौलाये सेये को निशाना बनाया गया है।
प्रतिबंधों का आधार और प्रशासन का तर्क
अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये दोनों अधिकारी उन देशों के नागरिकों के खिलाफ ICC की जांच और मुकदमे की कोशिशों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं, जो न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देते। स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया कि ये प्रतिबंध एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14203 की धारा 1(ए)(2)(ए) के तहत लगाए गए हैं। मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा, “ये लोग ICC की उन कोशिशों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं, जिनमें उन अधिकारियों की जांच, गिरफ्तारी, हिरासत या उन पर मुकदमा चलाने की कार्रवाई की गई, जिनकी सरकारों ने ICC के अधिकार क्षेत्र को मंजूरी नहीं दी है।”
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से ICC की आलोचना करता रहा है। रुबियो ने कहा, “ट्रंप प्रशासन का रुख साफ रहा है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) एक भ्रष्ट और बुरी तरह से राजनीतिक रंग में रंगी हुई अंतरराष्ट्रीय अदालत है, जिसने दुर्भावनापूर्ण तरीके से अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया है। हम देश की संप्रभुता पर इसके हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
व्यापक अभियान और भविष्य की चेतावनी
प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी। मार्को रुबियो के मुताबिक, यह कदम पिछले महीने शुरू किए गए एक बड़े कूटनीतिक अभियान का हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका एक ऐसा अभियान चला रहा है जिसका मकसद ICC की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिसके जरिए वह अमेरिकियों या उन देशों के नागरिकों पर कार्रवाई कर सकता है जो इसके संस्थापक समझौते (रोम स्टैच्यू) का हिस्सा नहीं हैं।
रुबियो ने कहा, “राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए ICC से पैदा हुए खतरे को खत्म करने का हमारा सरकारी अभियान बहुत व्यापक होगा।” उन्होंने अन्य देशों से भी इस “राजनीतिक और गैर-जवाबदेह कोर्ट” को फंडिंग और समर्थन देना बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा, “ट्रम्प प्रशासन जरूरत पड़ने पर और कदम उठाने के लिए तैयार है ताकि आईसीसी को व्यवस्थित रूप से तब तक खत्म किया जा सके, जब तक कि वह अमेरिकी संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने में असमर्थ न हो जाए।”
इनपुट: IANS



