फ्रांस में अशांति पर विदेशी नेताओं की टिप्पणियों से राष्ट्रपति मैक्रों नाराज़, कहा— 'राजनीतिक लाभ के लिए हो रहा इस्तेमाल'
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश में हालिया विरोध प्रदर्शनों और हिंसा पर कुछ विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन नेताओं ने फ्रांस के…
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश में हालिया विरोध प्रदर्शनों और हिंसा पर कुछ विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन नेताओं ने फ्रांस के तनावपूर्ण माहौल का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मैक्रों ने इन बयानों को 'अस्वीकार्य' और 'बेहद मूर्खतापूर्ण' करार दिया है।
यह विवाद फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों, हिंसा और लूटपाट की घटनाओं के बाद शुरू हुआ, जिसने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया। इन घटनाओं पर कई विदेशी नेताओं ने टिप्पणी की थी।
विदेशी टिप्पणियाँ और मैक्रों का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप में अशांति के लिए आप्रवासन (इमिग्रेशन) को जिम्मेदार ठहराया था और फ्रांस व इटली को अपनी सीमाओं पर नियंत्रण सख्त करने की चेतावनी दी थी। जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या उनका इशारा ट्रंप की ओर है, तो मैक्रों ने जवाब दिया, "उनमें वे भी शामिल हैं।"
मैक्रों ने ट्रंप के इस दावे को भी "पूरी तरह गलत" बताते हुए खारिज कर दिया कि फ्रांस पर प्रवासियों और इस्लामवादी समूहों का कब्जा हो रहा है। इसके विपरीत, फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि हालिया हिंसा के पीछे मुख्य रूप से कट्टरपंथी समूहों की भूमिका थी, जबकि प्रदर्शन शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों पर केंद्रित थे।
AI और गलत सूचना का प्रसार
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पेरिस और अन्य शहरों में हुई लूटपाट के बाद 'विदेशों से गलत जानकारी फैलाने की कोशिश' की गई। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गईं कई फर्जी तस्वीरें फैलाई गईं, जिनमें ऐसी घटनाएँ दिखाई गईं जो फ्रांस में कभी हुई ही नहीं थीं।
उन्होंने कहा, "कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि हमारे देश पर प्रवासियों और इस्लामवादियों की भीड़ ने कब्जा कर लिया है, जबकि यह पूरी तरह गलत है।" मैक्रों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "सच्चाई यह है कि जो लोग इस समय हमारे देश के बारे में बुरा बोल रहे हैं, वे हमारे देश से प्यार नहीं करते। ऐसे लोग मुझे वास्तव में परेशान करते हैं।"
फ्रांस सरकार का स्पष्टीकरण
इस बीच, फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा है कि उनका मंत्रालय गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि संबंधित देशों को जरूरी जानकारी और स्पष्टीकरण मुहैया कराया जाएगा ताकि वे सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक खबरें फैलाने से बच सकें।
इनपुट: IANS



