सूडान: भुखमरी से जूझ रहे लोगों की राहत सामग्री पर हवाई हमला, WFP ने की कड़ी निंदा
सूडान में गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहे हज़ारों लोगों के लिए जा रही जीवनरक्षक सहायता पर हवाई हमला किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बुधवार को बताया कि रविवार को दक्षिण…
सूडान में गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहे हज़ारों लोगों के लिए जा रही जीवनरक्षक सहायता पर हवाई हमला किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने बुधवार को बताया कि रविवार को दक्षिण सूडान के दक्षिण कोर्डोफान राज्य में उसके दो ट्रकों को निशाना बनाया गया, जिससे 50 मीट्रिक टन से ज़्यादा खाद्य सामग्री नष्ट हो गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला डिलिंग के बाहर उस वक्त हुआ जब ट्रक कडुगली शहर की ओर जा रहे थे।
WFP ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नष्ट हुई खाद्य सामग्री से लगभग 5,800 लोगों को एक महीने तक भोजन उपलब्ध कराया जा सकता था। एजेंसी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों ट्रकों पर WFP के बैनर और झंडे स्पष्ट रूप से लगे हुए थे, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सकती थी।
सहायता कार्यों पर लगातार हमले
यह हमला सूडान में मानवीय सहायता एजेंसियों के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को उजागर करता है। WFP के अनुसार, इस साल की शुरुआत से अब तक उसके परिसरों और अभियानों पर यह आठवां हवाई हमला है। इन हमलों से राहत कार्यों में लगातार बाधा आ रही है और ज़रूरतमंदों तक मदद पहुँचाना मुश्किल हो गया है। कडुगली में WFP करीब 58,000 लोगों को खाद्य सहायता मुहैया करा रहा है जो गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं।
WFP ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करने और आम नागरिकों, राहतकर्मियों तथा मानवीय सहायता से जुड़े संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संस्था ने साफ़ किया कि राहतकर्मियों और सहायता अभियानों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए।
मानवाधिकार संगठन ने की जांच की मांग
स्वयंसेवी मानवाधिकार संगठन 'इमरजेंसी लॉयर्स' ने भी इस हमले की निंदा की है। समूह ने कहा कि स्पष्ट रूप से चिन्हित मानवीय वाहनों को निशाना बनाना न केवल राहत कार्यों के लिए खतरा है, बल्कि आम नागरिकों की जान को भी जोखिम में डालता है।
संगठन ने चेतावनी दी कि राहत सामग्री की पहुंच पर रोक और वितरण को नियंत्रित करने के प्रयास संकट को और गहरा कर रहे हैं। कम बारिश और खेती व पशुपालन में गिरावट से हालात पहले से ही खराब हैं। इमरजेंसी लॉयर्स ने इस हमले और इससे पहले हुए अन्य हमलों की तत्काल स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।
गौरतलब है कि सूडान अप्रैल 2023 से सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच संघर्ष से जूझ रहा है। इस संघर्ष में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे देश में मानवीय संकट गहरा गया है।
इनपुट: IANS



