होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर: ईरान ने अमेरिकी ड्रोन पर कब्ज़े का दावा किया, UN ने दी संयम की सलाह
ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी ड्रोन पर कब्ज़ा करने और उसे मार गिराने के दावों के बाद बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएन…
ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी ड्रोन पर कब्ज़ा करने और उसे मार गिराने के दावों के बाद बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है, ताकि पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति और न बिगड़े।
मंगलवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया कि उसने एक खुफिया अभियान के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र से अमेरिका की एक अत्याधुनिक मानवरहित पनडुब्बी को अपने नियंत्रण में ले लिया। IRGC की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'सेपाह न्यूज' के अनुसार, इस पनडुब्बी की पहचान 'डाइव-एलडी' के रूप में हुई है और इसमें दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक लगी है। इसके अलावा, IRGC ने यह भी दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने उसी दिन एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया था।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को कहा कि गुटेरेस होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के हालात बिगड़ने की खबरों से बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कारोबारी जहाजों पर हुए हमलों और समुद्री एवं ऊर्जा ढांचे के खिलाफ धमकियों का भी जिक्र किया। दुजारिक ने चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका आम लोगों, क्षेत्रीय स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
प्रवक्ता ने महासचिव के हवाले से कहा कि सभी पक्षों को कूटनीतिक माध्यमों का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए और बातचीत के जरिए विवादों का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी देशों के जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
अमेरिकी सेना का पक्ष
ईरान के दावों के जवाब में, अमेरिकी सेना ने एक बयान जारी कर यह स्वीकार किया कि उसका एक पानी के नीचे काम करने वाला ड्रोन एक दिन पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गया था। हालांकि, अमेरिका ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उस उपकरण को ईरान ने अपने कब्जे में लिया है या नहीं। संयुक्त राष्ट्र सचिवालय ने कहा है कि वह तनाव कम करने और स्थायी समाधान खोजने के सभी भरोसेमंद प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।
इनपुट: IANS



