जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर हमला: दो सैनिकों की मौत, जांच जारी
जॉर्डन के एक सैन्य हवाई अड्डे पर हुए हमले में अमेरिकी सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी युद्ध विभाग ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की। यह हमला 17…
जॉर्डन के एक सैन्य हवाई अड्डे पर हुए हमले में अमेरिकी सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी युद्ध विभाग ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की। यह हमला 17 जुलाई को मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर हुआ था, जहाँ ये दोनों सैनिक 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' के तहत तैनात थे।
हमले में मारे गए सैनिकों की पहचान 25 वर्षीय फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान और 19 वर्षीय प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस के रूप में हुई है। फीहान हवाई के ईवा बीच के निवासी थे, जबकि गोंजालेस टेक्सास के कैरोलटन से थीं। विभाग के मुताबिक, दोनों की मौत ड्यूटी के दौरान हुई।
घटना और जांच का विवरण
अमेरिकी युद्ध विभाग ने बताया कि प्राइवेट गोंजालेस की मौत हमले वाले दिन, 17 जुलाई को ही हो गई थी, जबकि फर्स्ट लेफ्टिनेंट फीहान ने अगले दिन, 18 जुलाई को दम तोड़ा। हालांकि, विभाग ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि यह हमला किसने और किस तरह से किया था। फिलहाल घटना की गहन जांच चल रही है और उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं की गई है।
मारे गए सैनिकों की तैनाती
टायलर जेम्स फीहान नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग स्थित 32वें आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड की यूनिट 'दूसरी बटालियन, 55वें एयर डिफेंस आर्टिलरी रेजिमेंट' में तैनात थे। वहीं, इसाबेला गोंजालेस जर्मनी के एन्सबैक में 10वें आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड के तहत आने वाली 'पहली बटालियन, 57वें एयर डिफेंस आर्टिलरी रेजिमेंट' का हिस्सा थीं।
दोनों सैनिक एयर डिफेंस यूनिटों से थे, जिनका मुख्य कार्य सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण संसाधनों को हवाई हमलों से सुरक्षा प्रदान करना होता है। मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस जॉर्डन का एक प्रमुख सैन्य ठिकाना है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका और उसके सहयोगी देश क्षेत्रीय अभियानों के लिए करते रहे हैं।
इनपुट: IANS



