मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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सुरक्षा कारणों से तुर्की से ब्रिटेन तक सैन्य विमान में गुप्त यात्रा, फूड ट्रक में छिपे थे ट्रंप: रिपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने तुर्की से ब्रिटेन तक की यात्रा एक सैन्य विमान में बेहद गुप्त तरीके से करनी पड़ी। समाचार एजेंसी IANS ने अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया है कि…

सुरक्षा कारणों से तुर्की से ब्रिटेन तक सैन्य विमान में गुप्त यात्रा, फूड ट्रक में छिपे थे ट्रंप: रिपोर्ट
(फोटो: IANS)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पिछले महीने तुर्की से ब्रिटेन तक की यात्रा एक सैन्य विमान में बेहद गुप्त तरीके से करनी पड़ी। समाचार एजेंसी IANS ने अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया है कि ट्रंप के आधिकारिक विमान 'एयर फोर्स वन' को लेकर 'विश्वसनीय सुरक्षा खतरों' की जानकारी मिलने के बाद यह असाधारण कदम उठाया गया।

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रिपोर्ट्स के अनुसार, अंकारा में डोनाल्ड ट्रंप मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से एयर फोर्स वन में सवार हुए। लेकिन विमान के उड़ान भरने से पहले, उन्हें और कुछ वरिष्ठ सहयोगियों को विमान के दरवाजे के पास खड़े एक कैटरिंग (फूड) ट्रक में गुपचुप तरीके से उतार लिया गया। वहां से उन्हें एक छोटे C-32A सैन्य जेट तक पहुंचाया गया, जिसमें उन्होंने ब्रिटेन के मिल्डेनहॉल वायुसेना अड्डे तक की यात्रा पूरी की।

गोपनीयता और विमान की अदला-बदली

इस पूरे ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया कि एयर फोर्स वन में मौजूद अन्य अधिकारियों और पत्रकारों को भी इसकी भनक नहीं लगी। उन्हें पुराने विमान में ही ब्रिटेन ले जाया गया और यात्रा के दौरान विमान की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। ब्रिटेन पहुंचने के बाद उन्होंने ट्रंप के साथ अमेरिका की आगे की यात्रा की। ब्रिटेन से अमेरिका जाने के लिए ट्रंप ने कतर द्वारा उपहार में दिए गए एक अन्य विमान का इस्तेमाल किया।

व्हाइट हाउस ने इन रिपोर्टों पर सीधी टिप्पणी नहीं की है, लेकिन संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने स्वीकार किया कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान सुरक्षा चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा, “अमेरिका के कई दुश्मन उन्हें निशाना बनाना चाहते हैं और हम उन खतरों से निपटने के लिए अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल करते हैं।”

सुरक्षा को लेकर चिंताएं

द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट जैसे प्रकाशनों ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया है कि कतर द्वारा दिए गए विमान में वे उन्नत सुरक्षा प्रणालियां नहीं थीं जो पुराने एयर फोर्स वन में मौजूद हैं, जैसे कि मिसाइल-रोधी सिस्टम और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमलों से बचाव। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जुलाई को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से वापसी के दौरान भी इसी तरह की घटना हुई थी। तब भी सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे का आकलन कर पहले ट्रंप को एयर फोर्स वन में और फिर अंततः सैन्य जेट में स्थानांतरित करने का फैसला किया।

दिलचस्प बात यह है कि जब द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कतर के विमान की सुरक्षा कमियों पर रिपोर्ट छापी, तो अमेरिकी न्याय विभाग ने जानकारी लीक करने वालों का पता लगाने के लिए पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों को समन भेज दिए थे, जिन्हें बाद में आलोचना के बाद वापस ले लिया गया।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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