मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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छत्तीसगढ़: नक्सलियों तक विस्फोटक पहुँचाने की साज़िश, विशेष अदालत ने तीन दोषियों को सुनाई सज़ा

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सली संगठनों को विस्फोटक सामग्री पहुँचाने के एक गंभीर मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण…

छत्तीसगढ़: नक्सलियों तक विस्फोटक पहुँचाने की साज़िश, विशेष अदालत ने तीन दोषियों को सुनाई सज़ा
(फोटो: IANS)

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सली संगठनों को विस्फोटक सामग्री पहुँचाने के एक गंभीर मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) अधिनियम के तहत गठित एक विशेष अदालत ने तीनों दोषियों को कठोर कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई है।

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दोषियों की पहचान चमेली बाई, रवि मरकाम (उर्फ़ सुशील) और कोस्रू वड्डे के रूप में हुई है। अदालत ने गवाहों के बयानों और जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर उन्हें यह सज़ा दी।

सज़ा का विस्तृत ब्योरा

तीनों दोषियों को कई अधिनियमों के तहत सज़ा सुनाई गई है। विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 और 5 के तहत उन्हें सात साल के सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 10(1) के तहत दो साल की कठोर सज़ा और 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। UAPA की अन्य धाराओं के अंतर्गत पाँच साल के सश्रम कारावास और 500 रुपये के जुर्माने का भी आदेश दिया गया है।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला इसी साल 19 मार्च का है, जब नारायणपुर पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी। जानकारी के मुताबिक, तारागांव में कुछ लोगों ने औषधीय जड़ी-बूटियों के बंडलों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी थी, जिसे नक्सलियों तक पहुँचाया जाना था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से चार डेटोनेटर, सात बोरी पोटेशियम नाइट्रेट, सात मीटर लाल कॉर्डेक्स वायर और दो मोबाइल फोन ज़ब्त किए गए थे।

जांच और गिरफ़्तारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच रायपुर स्थित राज्य जांच एजेंसी (SIA) को सौंप दी गई थी। जांच में पता चला कि रवि मरकाम और चमेली बाई इन विस्फोटकों को नारायणपुर बाज़ार से तारागांव ले जा रहे थे, ताकि उन्हें नक्सली कैडरों और उनके सप्लायरों को सौंपा जा सके।

इसी जांच के दौरान नारायणपुर ज़िले के ओरछा थाना क्षेत्र के गावड़ी गांव निवासी कोस्रू वड्डे की भी संलिप्तता सामने आई, जिसे बाद में राज्य जांच एजेंसी ने गिरफ़्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद नारायणपुर की विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सली गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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