ईरान को परमाणु हथियार से रोकना ज़रूरी था, भले ही तेल महंगा हुआ: डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने इस…
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे अमेरिकी परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना आवश्यक था।
फ्लोरिडा के एक टीवी चैनल 'विंक-टीवी' को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने यह बात कही। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जब ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया गया था, तो उन्हें ऊर्जा की कीमतें बढ़ने का अंदेशा था। ट्रंप ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब देश में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों की तैयारी चल रही है, जहाँ बढ़ती महंगाई मतदाताओं के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है।
कीमतों पर बोले ट्रंप
जब इंटरव्यू में विंक-टीवी की एंकर क्लेयर गैल्ट ने बताया कि लोग किराने के ऊंचे दामों से जूझ रहे हैं और दक्षिण-पश्चिम फ्लोरिडा में पेट्रोल की औसत कीमत 4.18 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, तो ट्रंप ने इसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "ईरान जैसे बहुत बुरे देश से परमाणु हथियार छीनने के लिए यह एक छोटी सी कीमत है।"
ट्रंप ने यह भी माना कि बीफ़ की कीमतें "थोड़ी ज्यादा हैं" लेकिन उनके नीचे आने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन और उत्पादन प्रक्रिया में समय लगने के कारण कीमतों को सामान्य होने में थोड़ा वक्त लग सकता है।
सैन्य कार्रवाई पर दृढ़ रुख
पूर्व राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि वह दुनिया में आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक है। उन्होंने कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए... इसलिए मुझे यह कदम उठाने पर गर्व है।" ट्रंप ने यह भी कहा कि संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है, चाहे वह "किसी समझौते के जरिए हो या किसी और तरीके से।"
फोर्ट मायर्स में एक अलग चुनावी रैली में भी ट्रंप ने इस मुद्दे को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि सैन्य अभियान के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही बढ़ी है, जिसका श्रेय उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को दिया। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इनपुट: IANS



