दुबई में पकड़ा गया 177 करोड़ की पोंजी स्कीम का मास्टरमाइंड, टोरेस ज्वैलर्स घोटाले में ED की बड़ी कामयाबी
निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर 177 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले टोरेस ज्वैलर्स पोंजी स्कीम के मुख्य आरोपी को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रवर्तन…
निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर 177 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले टोरेस ज्वैलर्स पोंजी स्कीम के मुख्य आरोपी को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पुष्टि की है कि रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई के अधिकारियों ने गुरुवार को सागर मेहता को हिरासत में ले लिया। मेहता पर इस पूरी धोखाधड़ी की रकम को इकट्ठा करने और ट्रांसफर करने का आरोप है।
ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया कि मेहता कई महीनों से फरार चल रहा था और 24 दिसंबर 2024 को भारत से भाग गया था। उसकी गिरफ्तारी को मामले की जांच और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैसे काम करती थी यह पोंजी स्कीम?
जांच के अनुसार, प्लेटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी 'टोरेस ज्वैलर्स' के नाम से यह फर्जी निवेश योजना चला रही थी। कंपनी ने निवेशकों को सोना, चांदी, हीरे के गहने और कीमती रत्नों में निवेश करने पर हर हफ्ते 2 से 9 फीसदी तक के अवास्तविक रिटर्न का वादा किया था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि कंपनी ने सिंथेटिक मोइसैनाइट को असली कीमती रत्न बताकर लोगों को धोखा दिया।
यह पूरी तरह से एक पोंजी स्कीम थी, जो नए निवेशकों के पैसे पर निर्भर थी। पुराने निवेशकों को खुश रखने और नए लोगों को लुभाने के लिए गुमराह करने वाले विज्ञापनों, आकर्षक बोनस और अवास्तविक रिटर्न का सहारा लिया गया। इसके अलावा, नए सदस्य जोड़ने पर निवेशकों को 20% का "इन्वेस्टमेंट बोनस" भी दिया जाता था, जिससे एक रेफरल-आधारित सिस्टम बन गया था।
मामले में विदेशी नागरिक भी शामिल
इस मामले में सागर मेहता अकेला आरोपी नहीं है। अदालत पहले ही मेहता समेत तीन यूक्रेनी नागरिकों - ओलेना स्टोइयन, ओलेक्जेंडर जापिचेंको और विक्टोरिया कोवालेन्को - के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, जापिचेंको और स्टोइयन ने इस योजना का वित्तीय ढांचा तैयार करने और मनी लॉन्ड्रिंग के तरीके बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन पर अवैध तरीकों से शुरुआती फंड जुटाने और काले धन को वैध निवेश में बदलने में मदद करने का भी आरोप है।
इनपुट: IANS



