तमिलनाडु में सौर ऊर्जा का नया कीर्तिमान: एक दिन में 6 करोड़ यूनिट से ज़्यादा बिजली का उत्पादन
तमिलनाडु ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहाँ सोमवार को एक दिन में अब तक का सबसे ज़्यादा बिजली उत्पादन दर्ज किया गया। राज्य के सौर ऊर्जा संयंत्रों ने मिलकर 60.4 मिलियन यूनिट (
तमिलनाडु ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहाँ सोमवार को एक दिन में अब तक का सबसे ज़्यादा बिजली उत्पादन दर्ज किया गया। राज्य के सौर ऊर्जा संयंत्रों ने मिलकर 60.4 मिलियन यूनिट (यानी 6.04 करोड़ यूनिट) बिजली बनाई, जो नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में एक नया रिकॉर्ड है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तेज़ धूप और लंबे समय तक गर्मी के कारण यह संभव हो पाया।
इस नए रिकॉर्ड ने इसी साल 18 अप्रैल को दर्ज किए गए 58.6 मिलियन यूनिट के पिछले आँकड़े को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि राज्य में सौर ऊर्जा के बुनियादी ढाँचे के तेज़ी से हो रहे विस्तार को भी दर्शाती है। तमिलनाडु ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के आँकड़ों के मुताबिक, जिस दिन यह रिकॉर्ड बना, उस दिन राज्य में बिजली की कुल खपत 429.057 मिलियन यूनिट थी।
ताप बिजलीघरों पर घटी निर्भरता
ऊर्जा अधिकारियों ने बताया कि सौर ऊर्जा उत्पादन में इस उछाल से राज्य की बिजली की मांग, खासकर दिन के व्यस्ततम समय में, पूरी करने में काफ़ी मदद मिली। इसका एक बड़ा फायदा यह हुआ कि पारंपरिक ताप विद्युत संयंत्रों (thermal power plants) पर निर्भरता में भी कमी आई। अधिकारियों के मुताबिक, साफ़ आसमान, दिन की लंबी अवधि और तेज़ गर्मी जैसे कारक इस रिकॉर्ड उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार रहे, जिससे सौर पैनल अपनी पूरी क्षमता से काम कर सके।
क्यों है तमिलनाडु सौर ऊर्जा के लिए आदर्श?
तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड (TNGEC) के अधिकारियों का कहना है कि राज्य को साल में लगभग 300 दिनों तक भरपूर सौर विकिरण (solar radiation) मिलता है, जो इसे बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत के सबसे उपयुक्त क्षेत्रों में से एक बनाता है। इसी प्राकृतिक लाभ को देखते हुए सरकार नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश को बढ़ावा दे रही है।
आँकड़े भी इस विस्तार की कहानी कहते हैं। राज्य की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता पिछले एक साल में तेज़ी से बढ़ी है। 31 मार्च, 2025 तक यह क्षमता 10,153 मेगावाट थी, जो सिर्फ 12 महीनों में 3,756 मेगावाट बढ़कर 31 मई तक 13,909 मेगावाट हो गई। यह वृद्धि बड़े सौर पार्कों, निजी निवेश और किसानों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा सौर परियोजनाओं को अपनाने से संभव हुई है।
भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य
इस सफलता से उत्साहित होकर TNGEC ने अब चालू वित्त वर्ष में कम से कम 5,000 मेगावाट की नई सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। अधिकारियों को विश्वास है कि निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और किसानों के लगातार समर्थन से राज्य इस लक्ष्य को हासिल कर लेगा। यह नया रिकॉर्ड भारत के स्वच्छ ऊर्जा उत्पादक राज्यों में तमिलनाडु की स्थिति को और मज़बूत करेगा।
इनपुट: IANS



