हैदराबाद: सीएम रेवंत रेड्डी का कड़ा संदेश — 'दोस्ती का गुलाम हूं, धमकियों से नहीं डरता'
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी तरह की धमकी से डराया नहीं जा सकता और वे सिर्फ दोस्ती के रिश्ते को महत्व देते हैं…
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी तरह की धमकी से डराया नहीं जा सकता और वे सिर्फ दोस्ती के रिश्ते को महत्व देते हैं। हैदराबाद के पुराने शहर में एक फ्लाईओवर का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा, "मुझे कोई डरा नहीं सकता। आप मुझे सिर्फ दोस्ती से जीत सकते हैं। दोस्ती के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। मैं किसी का गुलाम नहीं हूं। मैं सिर्फ दोस्ती का गुलाम हूं।"
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह बयान उनकी ही कैबिनेट सहयोगी कोंडा सुरेखा के उस आरोप के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि रेड्डी ने कांग्रेस आलाकमान को ब्लैकमेल कर उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की कोशिश की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने का फैसला कर राज्यपाल को पत्र भी भेज दिया।
विकास परियोजनाओं पर ज़ोर
सीएम रेड्डी ने 620 करोड़ रुपये की लागत से बने 3.32 किलोमीटर लंबे चंचलगुडा-संतोषनगर स्टील फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इस मौके पर मौजूद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पुराने शहर में विकास कार्यों के लिए फंड जारी करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। ओवैसी ने बताया कि इस फ्लाईओवर की नींव पिछली BRS सरकार ने रखी थी, लेकिन काम रेवंत रेड्डी द्वारा फंड जारी करने के बाद ही शुरू हो सका। ओवैसी ने मेट्रो रेल के रुके काम के लिए 2,200 करोड़ रुपये और मीर आलम टैंक पर केबल ब्रिज के लिए 400 करोड़ रुपये मंजूर करने के लिए भी सीएम की सराहना की।
सत्ता में जिम्मेदारी का भाव
रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका राजनीतिक सफर लंबा है और वे अगले 25 साल लोगों के बीच रहना चाहते हैं। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के साथ अपनी व्यक्तिगत दोस्ती का भी जिक्र किया। ओवैसी की उस सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए जिसमें उन्हें आक्रामक रुख अपनाने को कहा गया था, मुख्यमंत्री ने कहा, "विपक्ष में रहते हुए आप आक्रामक हो सकते हैं, लेकिन सत्ता में रहने पर आपकी जिम्मेदारी होती है। आपको नरम रहना होगा और सबको साथ लेकर चलना होगा।"
ओवैसी बंधुओं की देशभक्ति का बचाव
मुख्यमंत्री ने AIMIM और ओवैसी बंधुओं पर लगने वाले आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि एआईएमआईएम और ओवैसी देश के ख़िलाफ़ हैं, लेकिन मैंने देखा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वे कैसे भारतीय सेना के समर्थन में आगे आए थे।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी की देशभक्ति पर शक नहीं किया जा सकता, और वे नरेंद्र मोदी और अमित शाह से कम देशभक्त नहीं हैं।
इनपुट: IANS



