भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन बोले — तेलंगाना की तरक्की के लिए केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार ज़रूरी
हैदराबाद में आयोजित 'विकसित भारत स्टूडेंट कॉन्क्लेव' के मंच से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को स्पष्ट किया कि तेलंगाना का वास्तविक विकास तभी संभव है जब राज्य में भी भाजपा की सरकार ह
हैदराबाद में आयोजित 'विकसित भारत स्टूडेंट कॉन्क्लेव' के मंच से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को स्पष्ट किया कि तेलंगाना का वास्तविक विकास तभी संभव है जब राज्य में भी भाजपा की सरकार हो — यानी केंद्र और प्रदेश दोनों में 'डबल-इंजन' का फ़ॉर्मूला काम करे। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि तेलंगाना में जल्द भाजपा सत्ता में आएगी।
युवाओं को 'जेन जी' की परिभाषा दी
छात्रों को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने 'जेन जी' की अपनी व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा, "मेरे सामने बैठे युवा 'जेन जी' हैं जो अपने-अपने क्षेत्रों में खुद को स्थापित कर रहे हैं। कोई लॉन टेनिस खिलाड़ी है तो कोई क्रिकेट खिलाड़ी। मेरी बहन बैडमिंटन के बारे में बात कर रही थी। किसी का स्टार्टअप है।" उनके अनुसार असली 'जेन जी' वे 2.25 लाख युवा हैं जो स्टार्टअप के ज़रिए अपना और देश का भविष्य गढ़ रहे हैं — न कि वे जो संविधान और संस्कृति पर सवाल उठाते हैं।
स्टार्टअप और रोज़गार पर ज़ोर
भाजपा प्रमुख ने रेखांकित किया कि देश में फ़िलहाल 2 लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और भारतीय युवाओं की नेतृत्व-क्षमता की बदौलत 125 से ज़्यादा यूनिकॉर्न तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा नौकरी माँगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है और लाखों लोगों के लिए रोज़गार के द्वार खोल रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य सरकार की नीतियाँ राजनीतिक असहमति का विषय हो सकती हैं, लेकिन केंद्र की नीतियाँ स्टार्टअप विकास में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।
कांग्रेस पर सीधा हमला
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए नितिन नवीन ने कहा कि राज्य के युवाओं में जबरदस्त प्रतिभा, नवाचार और असीमित क्षमता है, लेकिन दुर्भाग्य से कांग्रेस सरकार रोज़गार और विकास से जुड़े अपने मुख्य वादे पूरे करने में नाकाम रही है।
बिहार के उदाहरण से समझाया नेतृत्व का महत्व
सही नेतृत्व की ताक़त बताने के लिए भाजपा अध्यक्ष ने अपने गृह राज्य बिहार का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "2005 में बिहार में हमारी सरकार बनी। उस समय एक ही व्यक्ति लंबे समय से डीजीपी के पद पर था। फिर हमारे एनडीए गठबंधन के नेता नीतीश कुमार सत्ता में आए। डेढ़ साल बाद भी वही डीजीपी अपने पद पर बना रहा — और उसी डीजीपी ने पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था को काबू में कर लिया।" उनका संदेश था कि जब नेतृत्व फ़ैसले लेने में सक्षम हो और उसे दिशा का भरोसा हो, तो करोड़ों युवा भी स्वाभाविक रूप से उसी राह पर चल पड़ते हैं।
राजनीति में आएँ, पर सोच-समझकर
नितिन नवीन ने युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि राजनीति में प्रवेश से पहले यह स्पष्ट होना ज़रूरी है कि वे इस माध्यम से क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के व्यापक प्रसार ने लोगों में अधिकारों और वादों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है — अब नेताओं और पार्टियों के किए वादे जनता आसानी से याद रखती है।
इनपुट: IANS



