ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में चीन की नई गश्त, ताइपे ने बताया अवैध और शांति के लिए खतरा
ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, चीन द्वारा ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में नई तटरक्षक गश्त शुरू करने पर ताइवान ने कड़ी आपत्ति जताई है। ताइव
ताइवान और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, चीन द्वारा ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में नई तटरक्षक गश्त शुरू करने पर ताइवान ने कड़ी आपत्ति जताई है। ताइवान ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है।
चीन के कोस्ट गार्ड (सीसीजी) ने घोषणा की थी कि उसकी टीम इस क्षेत्र में 'कानून प्रवर्तन गश्त' करेगी और निगरानी बढ़ाएगी, क्योंकि वह इसे अपना अधिकार क्षेत्र मानता है। इस घोषणा के जवाब में ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (मैक) ने शनिवार को एक बयान जारी किया। मैक ने स्पष्ट किया कि चीन का ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र पर कोई संप्रभु अधिकार, अधिकार क्षेत्र या कानून लागू करने की शक्ति नहीं है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता
काउंसिल ने चीन की इस कार्रवाई को अधिकार का अवैध विस्तार करार देते हुए इसे क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। मैक ने अपने बयान में जोर देकर कहा, “कोई भी अवैध काम बार-बार करने से वह वैध नहीं हो जाता, और न ही इससे उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलेगी।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब चीन पिछले कुछ वर्षों से लगातार ताइवान के आसपास अपने सैन्य अभ्यासों की संख्या और उनका दायरा बढ़ाता जा रहा है। चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग से भी उसे मुख्य भूमि में मिलाने की बात करता है। वहीं, ताइवान मजबूत जनसमर्थन के साथ अपनी संप्रभुता पर कायम है।
ताइवान की जवाबी तैयारी
ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान ने कहा है कि वह किसी भी देश द्वारा ताकत या दबाव के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बदलने की कोशिशों का कड़ा विरोध करेगा। इसके लिए वह दुनिया के लोकतांत्रिक देशों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए काम करता रहेगा।
ताइवान के कोस्ट गार्ड प्रशासन (सीजीए) ने पुष्टि की है कि वह दो चीनी जहाजों पर लगातार नजर रख रहा है और उनकी निगरानी के लिए अपने दो जहाज पहले से ही तैनात कर चुका है। सीजीए ने कहा कि ताइवान का अपने पूर्वी विशेष आर्थिक क्षेत्र पर संप्रभु अधिकार और अधिकार क्षेत्र है, जबकि चीन का उसके आसपास के किसी भी समुद्री क्षेत्र पर कोई अधिकार नहीं है। प्रशासन ने यह भी कहा कि चीन की परेशान करने वाली इन समुद्री गतिविधियों से 'सच्चाई नहीं बदल सकती' और वे चीनी जहाजों को रोकने और बाहर निकालने के लिए सभी जरूरी कदम उठाते रहेंगे।
इनपुट: IANS



