भारत के विकास मॉडल का मुरीद हुआ इंडोनेशिया, डिजिटल गवर्नेंस से रक्षा तक बढ़ रही साझेदारी
इंडोनेशिया अपनी विकास यात्रा को गति देने के लिए भारत के सफल सार्वजनिक नीति मॉडलों को अपनाने की राह पर है। खाद्य सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस से लेकर स्वास्थ्य और रक्षा क्षेत्र तक, भारत की विशेषज्ञता अब
इंडोनेशिया अपनी विकास यात्रा को गति देने के लिए भारत के सफल सार्वजनिक नीति मॉडलों को अपनाने की राह पर है। खाद्य सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस से लेकर स्वास्थ्य और रक्षा क्षेत्र तक, भारत की विशेषज्ञता अब इंडोनेशिया के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 से 8 जुलाई तक की इंडोनेशिया यात्रा से इस बढ़ते सहयोग और 'नॉलेज पार्टनरशिप' को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह साझेदारी पारंपरिक संबंधों से आगे बढ़कर तकनीक, नीति और विकास के नए मॉडल साझा करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। इंडोनेशिया अब भारत को सिर्फ एक रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि सफल मॉडलों के एक भरोसेमंद स्रोत के रूप में देख रहा है।
डिजिटल और वित्तीय क्षेत्र में सहयोग
दोनों देशों के बीच सहयोग का एक बड़ा क्षेत्र डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। इंडोनेशिया का ओपन नेटवर्क (ION) भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से प्रेरित है, जिसका लक्ष्य 6.5 करोड़ से ज्यादा छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए एक समावेशी डिजिटल बाजार बनाना है। उम्मीद है कि 7 जुलाई को प्रबोवो शिखर सम्मेलन में इसका पहला लाइव ट्रांजेक्शन भी होगा।
इसके अलावा, प्रस्तावित UPI-QRIS लिंकिंग से सीमा पार भुगतान आसान हो जाएगा, जिससे इंडोनेशिया जाने वाले लगभग 1.7 मिलियन भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। आधार, डिजीलॉकर और ई-केवाईसी जैसे भारतीय डिजिटल समाधान इंडोनेशिया की महत्वाकांक्षी 'डिजिटल नुसंतारा' पहल में भी उपयोगी साबित हो रहे हैं। वित्तीय बाजारों में भी सहयोग बढ़ रहा है, जहाँ एआई-आधारित बाजार निगरानी और डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म पर चर्चा हो रही है।
सामाजिक कल्याण की भारतीय योजनाएं बनीं प्रेरणा
इंडोनेशिया की कई सामाजिक योजनाएं भारत के सफल मॉडलों से प्रेरित हैं। इंडोनेशिया का 'फ्री न्यूट्रिशियस मील्स' कार्यक्रम भारत की मिड-डे मील योजना पर आधारित है। इसी तरह, 'रेड एंड व्हाइट विलेज कोऑपरेटिव्स' पहल के लिए भारत के जन औषधि मॉडल से सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, ताकि ग्रामीण इलाकों में सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इंडोनेशिया के कई प्रतिनिधिमंडल भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), चावल फोर्टिफिकेशन स्कीम और फर्टिलाइजर सब्सिडी सुधारों को समझने के लिए भारत का दौरा भी कर चुके हैं।
रक्षा क्षेत्र में भी मजबूत हो रही साझेदारी
यह साझेदारी रक्षा क्षेत्र तक भी पहुँच गई है। इंडोनेशिया अब भारत के साथ रक्षा निर्माण, तकनीक के आदान-प्रदान, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मिलकर काम कर रहा है। भारत का 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन का अनुभव इस क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के नए अवसर पैदा कर रहा है।
इनपुट: IANS



