सोमवार, 6 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

रोशडेल ग्रूमिंग गैंग: सज़ा पूरी होने पर रिहा दोषी को पाकिस्तान ने अपना नागरिक मानने से किया इनकार

ब्रिटेन के कुख्यात रोशडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में दोषी शाबिर अहमद को 14 साल की जेल के बाद रिहा कर दिया गया है, लेकिन अब उसके प्रत्यर्पण को लेकर एक बड़ी अड़चन खड़ी हो गई है। पाकिस्तान सरकार ने उसे अपना

रोशडेल ग्रूमिंग गैंग: सज़ा पूरी होने पर रिहा दोषी को पाकिस्तान ने अपना नागरिक मानने से किया इनकार
(फोटो: IANS)

ब्रिटेन के कुख्यात रोशडेल ग्रूमिंग गैंग मामले में दोषी शाबिर अहमद को 14 साल की जेल के बाद रिहा कर दिया गया है, लेकिन अब उसके प्रत्यर्पण को लेकर एक बड़ी अड़चन खड़ी हो गई है। पाकिस्तान सरकार ने उसे अपना नागरिक मानने और वापस लेने से इनकार कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि शाबिर अहमद ने अपना पासपोर्ट फाड़ दिया था, इसलिए अब वह पाकिस्तान का नागरिक नहीं है।

विज्ञापन

शाबिर अहमद को 30 नाबालिग लड़कियों से बलात्कार से जुड़े मामलों में 2012 में 22 साल की सजा सुनाई गई थी। वह इस हफ़्ते अपनी सज़ा पूरी कर जेल से बाहर आया है। 1960 के दशक के अंत में ब्रिटेन आए अहमद के पास दोनों देशों की नागरिकता थी। ब्रिटिश सरकार ने 2016 में ही उसका ब्रिटिश पासपोर्ट रद्द कर दिया था ताकि रिहाई के बाद उसे देश से निकालने की प्रक्रिया आसान हो सके। पीड़ितों से भी वादा किया गया था कि उसे देश से निष्कासित किया जाएगा।

प्रत्यर्पण की राह में दोहरी बाधा

ब्रिटेन की सरकार के लिए शाबिर को पाकिस्तान भेजना एक बड़ी चुनौती बन गया है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश सरकार मानती है कि पाकिस्तान का यह इनकार 1971 के इमिग्रेशन एक्ट से भी बड़ी समस्या है। यह कानून कॉमनवेल्थ नागरिक होने के नाते उसके निष्कासन में एक कानूनी बाधा है। एक सरकारी सूत्र ने अख़बार को बताया, "1971 के एक्ट से जुड़ी समस्या का शायद कोई हल निकल सकता है, लेकिन पाकिस्तान वाला मामला उससे ज्यादा मुश्किल है।"

ब्रिटेन में यौन शोषण पर आई थी रिपोर्ट

यह मामला ब्रिटेन में बच्चों के संगठित यौन शोषण के व्यापक मुद्दे का हिस्सा है। अमेरिका स्थित दक्षिण एशियाई टीवी नेटवर्क दीया टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में एक निजी तौर पर वित्त पोषित संसदीय जांच की 219 पन्नों की रिपोर्ट सामने आई थी। 'सामूहिक दुष्कर्म इन्क्वायरी' नामक इस जांच में खुलासा हुआ कि कई दशकों में कम से कम 2,50,000 लड़कियों को सामूहिक दुष्कर्म, तस्करी, प्रताड़ना और जबरन गर्भवती किए जाने का शिकार बनाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें ज़्यादातर अपराधी पाकिस्तानी मुस्लिम मूल के थे।

इनपुट: IANS

N

News4Social वायर डेस्क

News4Social वायर डेस्क, समाचार एजेंसी IANS से लाइसेंस-प्राप्त खबरें प्रकाशित करता है। इन रिपोर्ट्स की मूल जानकारी एजेंसी से आती है, जिसे हमारी संपादकीय टीम तथ्यों की जाँच के बाद News4Social की स्पष्ट व सहज भाषा-शैली में संपादित एवं पुनर्लिखित करती है — ताकि पाठकों को भरोसेमंद और पठनीय समाचार मिलें। प्रत्येक रिपोर्ट में मूल स्रोत IANS का श्रेय दिया जाता है; तस्वीरें: IANS। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →