जयपुर: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत को मिली जान से मारने की धमकी, बेटी के इंस्टाग्राम पर भेजा गया संदेश
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के दिवंगत अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के परिवार की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। उनकी पत्नी शीला शेखावत को एके-47 और एके-56 जैसे हथियारों से जान से मारने की…
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के दिवंगत अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के परिवार की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। उनकी पत्नी शीला शेखावत को एके-47 और एके-56 जैसे हथियारों से जान से मारने की धमकी मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह धमकी भरा संदेश उनकी बेटी उर्वशी शेखावत के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भेजा गया, जिसमें सुरक्षाकर्मियों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
यह घटना 16 अगस्त की है, जब 'अभिषेक सिंह राजपूत' नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से यह संदेश भेजा गया। शीला शेखावत ने इस मामले में गोगामेड़ी पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
पुलिस ने शीला शेखावत की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया है। SHO जयप्रकाश इस मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं। पुलिस आरोपी की पहचान के लिए इंस्टाग्राम अकाउंट, धमकी भरे संदेशों और अन्य डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के जरिए धमकी की सत्यता, भेजने वाले की पहचान और उसके मकसद का पता लगाया जाएगा।
परिवार में डर का माहौल
अपनी शिकायत में शीला शेखावत ने पुलिस से संदेश भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार में डर और मानसिक तनाव का माहौल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके दिवंगत पति की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के कारण आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग परिवार से दुश्मनी रखते हैं और पहले भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।
गौरतलब है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर, 2023 को जयपुर स्थित उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हथियारबंद हमलावर उनके घर में घुस गए थे और गोलीबारी की थी, जिसमें गोगामेड़ी समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने ली थी, जिसके बाद राजस्थान के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
इनपुट: IANS



