पश्चिम बंगाल: दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच डेंगू का बढ़ता प्रकोप, कई इलाके हॉटस्पॉट घोषित
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव की तैयारियों के बीच डेंगू के मामलों में आई हालिया तेजी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक महीने में संक्रमण के बढ़ते मामलों के…
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव की तैयारियों के बीच डेंगू के मामलों में आई हालिया तेजी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक महीने में संक्रमण के बढ़ते मामलों के आधार पर कई शहरी और ग्रामीण इलाकों को 'हॉटस्पॉट' के रूप में चिन्हित किया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल कुल मामलों की संख्या पिछले साल की तुलना में कम होने के बावजूद, सितंबर और अक्टूबर की शुरुआत में संक्रमण दर में हुई वृद्धि चिंता का विषय बन गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सितंबर में डेंगू के 3,948 नए मामले सामने आए, जबकि अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही करीब 1,100 मामले दर्ज किए गए।
कहां हैं सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके?
रिपोर्ट के अनुसार, कुल 14 ग्राम पंचायतों और आठ शहरी निकायों को डेंगू हॉटस्पॉट के तौर पर पहचाना गया है। सबसे अधिक प्रभावित 14 ग्राम पंचायतों में से ज़्यादातर मुर्शिदाबाद जिले में हैं। इनके अलावा दक्षिण 24 परगना, नदिया, जलपाईगुड़ी, बीरभूम और हुगली जिलों के कुछ ग्रामीण इलाके भी इस सूची में शामिल हैं।
शहरी क्षेत्रों की बात करें तो तीन प्रमुख नगर निगमों के कुछ वार्डों में भी मामलों में तेज़ी देखी गई है। इनमें कोलकाता नगर निगम (KMC) के छह वार्ड, हावड़ा नगर निगम (HMC) के तीन वार्ड और बिधाननगर नगर निगम (BMC) के चार वार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नदिया जिले की चकदाह और उत्तर 24 परगना जिले की दमदम, दक्षिण दमदम, कमारहाटी और बारानगर नगरपालिकाओं को भी संवेदनशील जोन के रूप में चिन्हित किया गया है।
इस साल डेंगू के आंकड़े
इस साल अब तक डेंगू के सबसे ज़्यादा मामले मुर्शिदाबाद, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली, हावड़ा, मालदा और पूर्वी बर्दवान जिलों से सामने आए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 7 अक्टूबर तक डेंगू के कुल 10,177 मामले दर्ज हुए हैं, जो पिछले साल इसी अवधि के 12,652 मामलों की तुलना में कम हैं। लेकिन त्योहारी सीजन से ठीक पहले मामलों में यह उछाल स्वास्थ्य विभाग के लिए एक चुनौती बन गया है।
इनपुट: IANS



