नासिक कुंभ मेला 2027: मुख्यमंत्री फडणवीस ने धीमी तैयारी पर जताई नाराज़गी, अधिकारियों को दी सख्त हिदायत
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2027 में होने वाले नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया है। शुक्रवार को मुंबई में हुई एक समीक्षा बैठक में उन्होंने…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2027 में होने वाले नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया है। शुक्रवार को मुंबई में हुई एक समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को काम में टालमटोल की आदत छोड़ने की कड़ी चेतावनी दी और कहा कि किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महाआयोजन के लिए ₹34,732 करोड़ की विकास योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नियोजित परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि एक महीने बाद फिर से समीक्षा बैठक होगी, जिसमें ज़मीनी स्तर पर ठोस प्रगति दिखनी चाहिए।
काम में तेज़ी लाने के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान सीएम फडणवीस ने नासिक नगर आयुक्त को सड़कों के गड्ढे भरने और चल रहे निर्माण कार्यों को तत्काल पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जो ठेकेदार समय-सीमा का पालन नहीं करते, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। इसके अलावा, महानगर गैस कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह नगर निगम के साथ मिलकर गैस कनेक्शन के लंबित काम पूरा करे, ताकि नागरिकों को असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था और तकनीक
मुख्यमंत्री ने कुछ प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया, जिसमें नासिक रिंग रोड का निर्माण, साधुग्राम की स्थापना, रेलवे स्टेशनों का उन्नयन और श्रद्धालुओं के लिए विशाल पार्किंग नेटवर्क बनाना शामिल है। अनुमान है कि इस मेले में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, जिनके लिए 4,500 विशेष राज्य परिवहन (एसटी) बसें भी तैनात की जाएंगी।
इस आयोजन को आधुनिक बनाने के लिए 'डिजिटल कुंभ फ्रेमवर्क' के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) असिस्टेंट 'कुंभदूत', स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट और चेहरे की पहचान करने वाले सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित होगा।
स्वच्छता, रोज़गार और अंतिम समय-सीमा
कुंभ मेले को स्वच्छ, हरा-भरा और प्लास्टिक-मुक्त रखने के लिए हज़ारों अस्थायी शौचालय, कूड़ेदान और चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे, साथ ही बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी भी तैनात होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्हें पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
फडणवीस ने ज़मीन अधिग्रहण से लेकर सभी नागरिक सुविधाओं को पूरा करने के लिए मार्च 2027 की अंतिम समय-सीमा तय की है, ताकि अप्रैल 2027 तक सब कुछ पूरी तरह से तैयार हो जाए।
इनपुट: IANS



