सोमवार, 29 जून 2026 · नई दिल्ली
अपराध

पुणे हत्याकांड: केतन से लिए 1 करोड़ रुपए प्रेमी को दिए, तीन साल बाद शादी की थी साजिश

पुणे के लोहागढ़ किले पर हुई 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला जैसे-जैसे खुल रहा है, साजिश की परतें और गहरी होती जा रही हैं। IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस जांच में स

पुणे हत्याकांड: केतन से लिए 1 करोड़ रुपए प्रेमी को दिए, तीन साल बाद शादी की थी साजिश
(फोटो: IANS)

पुणे के लोहागढ़ किले पर हुई 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का मामला जैसे-जैसे खुल रहा है, साजिश की परतें और गहरी होती जा रही हैं। IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने शादी की खरीदारी और विवाह-संबंधी खर्चों का बहाना बनाकर केतन से करीब 1 करोड़ रुपए लिए थे — और वह पूरी रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को सौंप दी।

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पैसों का लेन-देन साजिश की कड़ी

जांचकर्ताओं के मुताबिक, 20 वर्षीया सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी के बीच यह धनराशि यूं ही नहीं दी गई थी — इसके पीछे एक सुनियोजित मंशा थी। चेतन आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से था और उसने सिया को बताया था कि खुद को वित्तीय रूप से स्थिर करने में उसे करीब तीन साल लगेंगे। केतन से ली गई यह रकम चेतन के करियर और आर्थिक मज़बूती के लिए इस्तेमाल की जानी थी। पुलिस का मानना है कि धन का यह हस्तांतरण कथित साजिश का एक अहम हिस्सा था।

हत्या के बाद तीन साल शादी न करने की योजना

आरोप है कि दोनों ने पूरी रूपरेखा पहले से तय कर रखी थी। केतन की मौत के बाद सिया कम से कम तीन साल तक कोई नया रिश्ता नहीं बनाएगी — ताकि किसी को संदेह न हो। जब चेतन आर्थिक रूप से सक्षम हो जाए और मामले की चर्चा ठंडी पड़ जाए, तब दोनों शादी करते। पुलिस का कहना है कि इस देरी का उद्देश्य उनके संबंध को हत्या से असंबद्ध दिखाना और सिया के परिवार की स्वीकृति प्राप्त करना भी था।

पानी पीने का बहाना — और धक्का देने का इशारा

वारदात को अंजाम देने का तरीका भी पूर्व-नियोजित था। जांच के अनुसार, दोनों के बीच एक पूर्व-निर्धारित संकेत तय था। सिया को कहा गया था कि वह पानी पीने या जूते का फीता बाँधने का बहाना बनाकर बैठ जाए — यही चेतन के लिए संकेत होगा कि केतन को चट्टान से धक्का देने का सही वक्त आ गया है। इस संकेत का एक और व्यावहारिक मकसद यह भी था कि सिया खुद सुरक्षित दूरी पर रहे, ताकि गिरते वक्त केतन उसे थाम न सके।

घटना से 34 मिनट पहले हुई थी बातचीत, 14 जून को पहला प्रयास भी

कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी पुलिस के दावों को बल दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया ने चेतन से फोन पर बात की थी — जिसे पुलिस हत्या से पहले की अंतिम पुष्टि मान रही है।

जांच में यह भी उजागर हुआ है कि साजिश मई के अंत तक पूरी तरह तैयार हो चुकी थी और 14 जून को केतन की हत्या का पहला प्रयास भी हो चुका था। उस दिन केतन को धक्का दिया गया, लेकिन वह पास की झाड़ियों को पकड़कर बच गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उस घटना को सिया ने बाद में यह कहकर दुर्घटना बता दिया था कि सांप देखकर घबराने के कारण अनजाने में केतन को धक्का लग गया।

सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को 18 जून को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर लोहागढ़ किले की पहाड़ी से केतन अग्रवाल को धक्का देकर उसकी हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।

इनपुट: IANS

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