बलूचिस्तान: ड्रोन हमलों और अज्ञात शवों की बरामदगी से मस्तुंग में बढ़ा तनाव
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले में तनाव बढ़ गया है, जहाँ ड्रोन हमलों में आम नागरिकों के घायल होने और कम से कम छह अज्ञात शवों की बरामदगी ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। एक प्रमुख…
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मस्तुंग जिले में तनाव बढ़ गया है, जहाँ ड्रोन हमलों में आम नागरिकों के घायल होने और कम से कम छह अज्ञात शवों की बरामदगी ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने आशंका जताई है कि ये शव उन बलूच युवाओं के हो सकते हैं जिन्हें पहले जबरन गायब कर दिया गया था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मस्तुंग के खड़कोचा इलाके में रविवार को हुए एक ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया है कि यह हमला गारो क्षेत्र में हुआ, जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए नवाब गौस बख्श रईसानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने उस इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है जो पहले से ही सैन्य अभियानों और आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों से जूझ रहा है।
यातना के निशानों वाले शव बरामद
इसी बीच, बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (BVJ) नाम के एक मानवाधिकार संगठन ने बताया कि रविवार को मस्तुंग में दो अलग-अलग जगहों से कम से कम छह अज्ञात शव बरामद किए गए। संगठन के मुताबिक, इन शवों पर यातना के निशान पाए गए हैं।
BVJ ने एक चिंताजनक घटनाक्रम का विवरण देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी अब्दुल रऊफ बलूच की निगरानी में शवों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उन्हें क्वेटा ले जाकर वापस उसी मुख्य हाईवे पर फेंक दिया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ घंटों बाद शवों को एक पिकअप गाड़ी में लादकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
जबरन गायब करने के गंभीर आरोप
बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मस्तुंग के कई हिस्सों में पाकिस्तानी बलों द्वारा हवाई और ड्रोन हमले देखे गए हैं, जिनसे नागरिकों की मौतें भी हुई हैं। इन कड़े सुरक्षा उपायों ने मानवाधिकार संगठनों के बीच मानवीय परिणामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बलूच वॉइस फॉर जस्टिस ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में निर्दोष नागरिकों, खासकर युवाओं को उनके घरों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक जगहों से जबरन गायब किया जा रहा है। संगठन ने कहा, “उन्हें गुप्त हिरासत केंद्रों में ले जाया जा रहा है, जहाँ उन्हें गंभीर यातना दी जाती है।” संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार हिरासत में ही लोगों की हत्या कर दी जाती है और बाद में उनकी मौत को मुठभेड़ के तौर पर पेश किया जाता है। BVJ ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इन छह शवों की तत्काल और पारदर्शी जांच की मांग की है।
इनपुट: IANS



