बद्रीनाथ धाम चढ़ावा मामला: विशेष दर्शन के नाम पर रिश्वतखोरी की भी जांच की मांग, पांडा पंचायत ने सीएम को लिखा पत्र
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के गबन का मामला अब और बड़ा होता दिख रहा है। तीर्थ पुरोहितों के संगठन, श्री बद्रीश पांडा पंचायत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर चल रही जांच…
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के गबन का मामला अब और बड़ा होता दिख रहा है। तीर्थ पुरोहितों के संगठन, श्री बद्रीश पांडा पंचायत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर चल रही जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है। पंचायत का आरोप है कि मंदिर में पैसों के बदले विशेष दर्शन कराने और अनधिकृत रूप से लोगों को प्रवेश दिलाने जैसे गंभीर मामलों को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पंचायत ने मुख्यमंत्री द्वारा चढ़ावा चोरी मामले में उठाए गए कदमों की सराहना की है। श्री बद्रीश पांडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने अपने पत्र में लिखा, "पंचायत आपकी (मुख्यमंत्री) ओर से चढ़ावा चोरी में उठाए गए कदमों का स्वागत करती है। साथ ही आशा व्यक्त करती है कि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई कर कड़ा संदेश दिया जाएगा।"
जांच का दायरा बढ़ाने की मांग
पंचायत ने मांग की है कि जांच सिर्फ चढ़ावे के गबन तक सीमित न रहे। प्रवीन ध्यानी ने कहा, "श्री बदरीश पंडा पंचायत मांग करती है कि धाम में कुछ लोग यात्रियों, श्रद्धालुओं से पैसे लेकर अवैध दर्शन करवा रहे हैं। साथ ही धाम में कार्यरत कई विभागों के कर्मचारीगण लगातार 2 नंबर गेट से लोगों को अनधिकृत प्रवेश कराकर अव्यवस्था उत्पन्न कर रहे हैं, ऐसे तत्वों पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।"
चढ़ावा गबन मामले में अब तक की कार्रवाई
यह मामला तब और गरमा गया जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को श्री बद्रीनाथ धाम के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, करीब चार घंटे की लंबी पूछताछ के बाद चौहान को हिरासत में लिया गया और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के तहत शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
यह गिरफ्तारी श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (बीकेटीसी) द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति की 18-पेजी रिपोर्ट सौंपे जाने के ठीक एक दिन बाद हुई। इसी जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर, बीकेटीसी ने हेमंत द्विवेदी (चेयरमैन, बीकेटीसी) के निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को भी निलंबित कर दिया था, जिनके खिलाफ पहले ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में FIR दर्ज है।
पारदर्शिता के लिए सिफारिशें
चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए जांच कमेटी ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। इसमें गिनती के दौरान कर्मचारियों के लिए एक ड्रेस कोड लागू करना, गिनती केंद्र के अंदर और बाहर खुले इलाकों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाना और पूरे निगरानी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है।
इनपुट: IANS



