जंतर-मंतर विवाद के एक महीने बाद IPS गुरप्रीत भुल्लर को नई ज़िम्मेदारी, बनाए गए बॉर्डर रेंज के IGP
पंजाब के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को एक अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए बॉर्डर रेंज का नया इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) नियुक्त किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उनकी यह…
पंजाब के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को एक अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए बॉर्डर रेंज का नया इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) नियुक्त किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उनकी यह नियुक्ति अमृतसर के पुलिस कमिश्नर पद से हटाए जाने के करीब एक महीने बाद हुई है।
भुल्लर को एक विवाद के बाद अमृतसर सीपी के पद से हटाया गया था, जो पंजाब पुलिस द्वारा पकड़े गए एक आतंकी मॉड्यूल और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के बीच संबंध बताने वाले एक बयान से जुड़ा था। अब उन्हें जिस बॉर्डर रेंज की कमान सौंपी गई है, वह सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित जिले शामिल हैं। उन्होंने हरमनबीर सिंह गिल की जगह ली है, जिन्हें अमृतसर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
क्या था पूरा विवाद?
पिछले महीने अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पाकिस्तान की ISI समर्थित एक सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस मामले की जांच का नेतृत्व गुरप्रीत भुल्लर ही कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल थे। उनके पास से तीन अवैध पिस्तौल, नौ कारतूस और चार पेट्रोल-बम भी बरामद हुए थे।
इस मामले पर 4 अगस्त को भुल्लर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इसके बाद पुलिस प्रवक्ता ने एक स्पष्टीकरण जारी किया। प्रवक्ता के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ हिस्सों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया ताकि यह दर्शाया जा सके कि जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारी ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे।
पुलिस ने क्या दी थी सफाई?
पुलिस प्रवक्ता ने साफ किया था कि कमिश्नर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था जिससे यह लगे कि गिरफ्तार लोग प्रदर्शनों में शामिल थे या प्रदर्शनकारियों का मॉड्यूल से कोई संबंध था। उन्होंने बताया था कि भुल्लर ने केवल यह कहा था कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों ने जंतर-मंतर की रेकी की थी और उनकी योजना पेट्रोल बम का इस्तेमाल कर वहां प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की थी।
प्रवक्ता ने कहा, "बदले हुए बैकग्राउंड विजुअल, चुनिंदा वीडियो एडिटिंग और साथ में दिए गए कैप्शन गलत हैं और एक भ्रामक धारणा बनाते हैं।" उन्होंने इसे पुलिस कमिश्नर के बयान को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश बताया था।
इनपुट: IANS



