बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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आईटी शेयरों की चमक से भारतीय बाजार में बढ़त, निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड के संकेतों पर

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाजारों ने बढ़त के साथ शुरुआत की, जिसका मुख्य कारण सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी रही। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…

आईटी शेयरों की चमक से भारतीय बाजार में बढ़त, निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड के संकेतों पर
(फोटो: IANS)

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाजारों ने बढ़त के साथ शुरुआत की, जिसका मुख्य कारण सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में हुई जोरदार खरीदारी रही। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 193.02 अंक (0.25%) चढ़कर 77,126.61 पर और एनएसई निफ्टी 33.80 अंक (0.14%) की मजबूती के साथ 24,124.65 पर कारोबार कर रहा था।

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हालांकि, इस तेजी के बावजूद बाजार में एक तरह की सतर्कता का माहौल भी बना हुआ है। निवेशक अमेरिका में होने वाली जैक्सन होल संगोष्ठी का इंतजार कर रहे हैं, जहां फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श का भाषण होना है। इस भाषण से भविष्य में ब्याज दरों और मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है, जिसका असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ सकता है।

बाजार में कौन से शेयर चमके?

शुक्रवार की तेजी का नेतृत्व आईटी सेक्टर ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की बढ़त देखी गई, जो सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे बेहतर प्रदर्शन था। निफ्टी पर टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस जैसे दिग्गज आईटी शेयर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। इनके अलावा, निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया सूचकांकों में भी मजबूती का रुख रहा। वहीं दूसरी ओर, निजी बैंक और वित्तीय सेवा क्षेत्र के सूचकांक थोड़े कमजोर नजर आए।

बाजार का तकनीकी विश्लेषण और भविष्य के संकेत

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए कुछ तकनीकी स्तर काफी महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि 24,000 और 23,800 के स्ट्राइक स्तर पर अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट है, जो इन स्तरों पर मजबूत खरीदारी समर्थन का संकेत देता है। इसके विपरीत, 24,200 और 24,300 के स्ट्राइक पर अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट है, जिससे यहां बिकवाली का दबाव बनने की आशंका है।

एक विशेषज्ञ ने कहा कि अगर निफ्टी 24,025 के अपने पिछले निचले स्तर से नीचे चला जाता है, तो यह मध्यम अवधि के रुझान में बदलाव का संकेत हो सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 24,378 का हालिया उच्च स्तर एक महत्वपूर्ण बाधा का काम कर सकता है। इसके अलावा, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत का वापस 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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